कानपुर के घाटमपुर में मौसेरे भाई, बहन के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले। उनकी इस गांव में ननिहाल है। घर पर अकेली वृद्ध नानी ही रहती हैं। घटना की सूचना पर गांव में सनसनी फैल गई। वहीं, परिवारवाले इस पर कुछ कहने को तैयार नही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि श्याम सिंह कुशवाहा की विधवा वेगवती (80) घर में अकेली ही रहती है। उसका बेटा निर्मल सेना में नौकरी करता है।
शनिवार को निर्मल का भांजा फरीदपुर-औरैया निवासी भोले का पुत्र गौरव (18) अपनी नानी के घर आया था। इसी बीच उसकी मौसेरी बहन थाना क्षेत्र के ही जटियापुर निवासी शिवनाथ सिंह की पुत्री अनुपम (17) भी नानी को गाजर का हलवा देने आ गई। वेगवती ने बताया कि अनुपम ने खाना बनाया और तीनों ने एक साथ खाया।
वेगवती के अनुसार, गौरव के कहने पर वह कमरे में सो गई और वे दोनों बरामदे में ही लेट गए। रविवार को सुबह गौरव और अनुपम के शव बरामदे में छत के कुंडे से लटके मिले। उनके गले में अलग-अलग रस्सी के फंदे से कसे थे और एक-एक हाथ कलावा से बंधे थे। थाना इंचार्ज विकास राय ने बताया कि गांव में प्रेम प्रसंग की चर्चा रही। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।