आईआईटी और जीएसवीएम ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए
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रोगियों को सस्ते उपकरण, कारगर और आसान इलाज व स्टेम सेल जैसे बिंदुओं पर आईआईटी और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज मिलकर शोध करेंगे। इसके तहत इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. मणींद्र अग्रवाल और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने शनिवार को आईआईटी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह भी तय हुआ कि दोनों संस्थानों के विज्ञानी हर महीने बैठक करेंगे। विद्यार्थी भी एक-एक महीने के लिए दोनों संस्थानों में जाएंगे, जिससे डॉक्टर इंजीनियर की तरह और इंजीनियर डॉक्टर की तरह सोच सकें। इससे संयुक्त शोधों में आसानी होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे दिनों-दिन बढ़ रहे रोगों से होने वाली चुनौतियों का कारगर तरीके से सामना किया जा सकेगा। मेडिकल के क्षेत्र में बायो इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और मेकेनिकल इंजीनियर की मदद ली जा सकेगी। सस्ते मेडिकल उपकरण तैयार किए जा सकेंगे। प्राचार्य डॉ. काला ने बताया कि स्टूडेंट्स एक्सचेंज कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि इससे रोगियों को लाभ के अलावा नए उपकरणों के आविष्कार को बढ़ावा मिलेगा। मौके पर आईआईटी के डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अमिताभ, डॉ. राकेश कुमार तथा जीएसवीएम की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि, न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह, वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. यशवंत राव आदि मौजूद रहे।