2017 से बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर में रह रहा था
बताया कि हेल्पलाइन पर मिली सूचना पर तीनों को ट्रेन से पकड़ा गया था। तीनों म्यांमार के रोहिंग्या निकले। आईबी, एटीएस, आर्मी इंटेलीजेंस और एलआईयू ने गुरुवार तड़के तक पूछताछ की। इन तीनों को आव्रजन व विदेशी अधिनियम- 2025 की धारा 21 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। जांच में इब्राहिम ने बताया कि वह 2017 से बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर में रह रहा था।
2024 में लेबर सिंडिकेट के संपर्क में आ गया
इसके बाद 2024 में जम्मू के नरवाल पहुंचा और लेबर सिंडिकेट के संपर्क में आ गया। वह सिंडिकेट के लिए मजदूरों को यूपी, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, राजस्थान व जम्मू भेजता था। उसके संपर्क में म्यांमार के 100 से ज्यादा रोहिंग्या हैं। वह 17 साल की शौकतारा और उसके जीजा हासिम को लेकर जम्मू के नरवाल जा रहा था।