हिमालयी बर्फबारी की ठंडक लेकर आ रहीं उत्तर पश्चिमी हवाओं से गंगा के मैदानी इलाकों में शीतलहर चल रही है। इसके साथ ही माहौल में बढ़ी नमी से शाम को गलन बढ़ गई। गुरुवार को कानपुर प्रदेश में चौथा सबसे ठंडा रहा। वहीं मेरठ पहला, इटावा दूसरा और बाराबंकी तीसरा सबसे ठंडा जिला रहा। प्रदूषण के कारण धुंध और घने कोहरे से एयरफोर्स स्टेशन और भौंती क्षेत्र में दृश्यता शून्य हो गई। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि ठंड अभी और बढ़ेगी।
हिमालय से आईं उत्तर पश्चिमी हवाएं चार किमी की रफ्तार से चलीं तो आसमान साफ हो गया। दिन में धूप निकल आई। इससे दिन का अधिकतम तापमान 24 घंटे में तीन डिग्री बढ़ गया लेकिन रात का पारा एक डिग्री नीचे 6.4 पर आ गया। धूप के नरम पड़ते ही माहौल में गलन तेज हो गई। माहौल में नमी 97 फीसदी दर्ज की गई है।
कानपुर में छाया कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती घेरा बन गया है। इसकी वजह से नमी बढ़ रही है। उनका कहना है कि शीतलहर के कारण रात का पारा और नीचे गिर सकता है।
कानपुर में छाया कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
आसमान साफ होने पर दिन में धूप नरम रहेगी लेकिन सुबह और शाम को कोहरा और धुंध घनी हो जाएगी। कोहरा और ठंड के मद्देनजर रबी की खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई कर नमी बनाए रखें। इसके साथ ही पशुओं को खुले में न बांधें। पशु बाड़ों की खिड़कियों पर जूट के परदे डाल दें।
कानपुर में छाया कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
आईआईटी में एक्यूआई 422
ठंड के साथ शहर में प्रदूषण बढ़ा है। गुरुवार को एक्यूआई 514 रिकाॅर्ड किया गया। आईआईटी क्षेत्र में एक्यूआई 422 रहा है। डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि हवा की गति कम होने पर प्रदूषण की वजह से धुंध की चादर और मोटी हो जाएगी।