कल्याणपुर के शिवेंद्र सिंह को नौकरी दिलाने के नाम पर थाईलैंड और फिर अवैध रूप से म्यांमार भेजने के मामले में पुलिस ने पंजाब के दो युवकों को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह द्वारा युवक को विदेश भेजने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों ने बिना वैध प्रपत्रों के युवक को म्यांमार की सीमा में दाखिल करवाया और किसी कॉल सेंटर कंपनी में नौकरी पर रखवा दिया। हालांकि गिरफ्तार हुए युवकों ने खुद ही कानपुर आकर बयान दर्ज कराने और उस दौरान पुलिस के गिरफ्तारी दिखाने का दावा किया।
पकड़े गए आरोपियों में पंजाब के पुरी कालोनी फरीदकोट निवासी संदीप कुमार शर्मा और अमृतसर के छिरैटा थानाक्षेत्र के प्रीतम सिटी बाबा जांडवीर निवासी करनदीप सिंह शामिल हैं। दोनों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में शिवेंद्र के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी संदीप शर्मा इमीग्रेशन का काम अपने पार्टनर रमनदीप शर्मा के साथ करता था। कोविड के दौरान रमनदीप की मौत हो गई। इसके बाद संदीप ने इमीग्रेशन का काम बंद कर दिया। एक महीने पहले उसने शिवेंद्र को थाईलैंड में 60-80 हजार रुपये वेतन वाली नौकरी की जानकारी दी। बताया कि रहना खाना फ्री है। करनदीप से संपर्क करा शिवेंद्र का ऑनलाइन साक्षात्कार कराया। फिर दोनों ने शिवेंद्र को बैंकाॅक भेज दिया। वहां से शिवेंद्र को सड़क के रास्ते बिना वैध प्रपत्रों के म्यांमार भेज दिया गया। वहां किसी कॉल सेंटर कंपनी में काम दिला दिया गया। आरोपी शिवेंद्र के पहले एक महीने का वेतन कंपनी से रुपये के लाभ के रूप में प्राप्त करने वाले थे। बुधवार को पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी।
पुलिस नोटिस देकर आई और आरोपी चले आए बयान दर्ज कराने
एक ओर पुलिस जहां पंजाब के युवकों पर मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगा रही है। वहीं, सूत्रों का कहना है कि दोनों आरोपियों के घरों पर पुलिस ने पेश होकर बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया था। जिसके बाद दोनों युवक खुद ही कानपुर में कल्याणपुर थाने पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाने के लिए उन्हें गिरफ्तार दिखा दिया।
दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, इस मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। -- राजेश कुमार सिंह, डीसीपी वेस्ट
शिवेन्द्र ने किया हंगामा, इसलिए हुआ विवाद
डीसीपी वेस्ट ने बताया कि अब तक की जानकारी के मुताबिक शिवेंद्र को म्यांमार जबरदस्ती नहीं भेजा गया है। वह जानबूझकर इन लोगों के कहने पर गया था। उसने खुद ही नौकरी लगवाने के एवज में एक महीने का वेतन देने की बात कही थी। हालांकि वहां पहुंचने के बाद उसने शराब के नशे में हंगामा किया और फंस गया। इसी वजह से वहां के लोग नुकसान की भरपाई और दूसरा युवक भेजने पर ही उसे वापस करने की बात कह रहे हैं।