फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: विकास दुबे के डेथ सर्टिफिकेट में फंसा पेंच, छह साल बाद भी नहीं हो सका जारी, सीएमओ ने खंगाले दस्तावेज

Tue, 01 Sep 2026 03:29 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के छह साल बीत जाने के बाद भी उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका है। बॉडी डिस्पोजल स्लिप में पिता का नाम रामकुमार दुबे की जगह राजकुमार दुबे दर्ज होने के कारण यह अड़चन आई है। मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मंगलवार को सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की।
विज्ञापन
दस्तावेजों की जांच करते सीएमओ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में बिकरू कांड के मुख्य आरोपी दुर्दांत विकास दुबे के एनकाउंटर के छह साल बाद भी उसका मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो सका है। पिता का नाम गलत दर्ज होने की शिकायत पर मंगलवार को सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने करीब एक घंटे तक विकास दुबे से जुड़े अभिलेखों की जांच की। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि बॉडी डिस्पोजल स्लिप में दर्ज पिता के नाम को पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर दुरुस्त कराया जाएगा।

विज्ञापन

रिपोर्ट मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ ने पोस्टमार्टम प्रभारी डॉक्टर विपुल चतुर्वेदी के साथ बंद कमरे में पंचायतनामा रजिस्टर, बॉडी डिस्पोजल स्लिप और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से भी विकास दुबे के पोस्टमार्टम और शव के निस्तारण से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी ली।

http://



बॉडी डिस्पोजल स्लिप में गलत दर्ज है नाम

सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। न्यायालय ने स्वास्थ्य विभाग से आख्या मांगी है। इसी के क्रम में पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर रिकॉर्ड की जांच की गई। बॉडी डिस्पोजल स्लिप में विकास दुबे के पिता का नाम रामकुमार दुबे की जगह राजकुमार दुबे दर्ज मिला है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी से बातचीत की जा रही है। पुलिस की रिपोर्ट मिलने के बाद रिकॉर्ड में पिता का नाम संशोधित कराने की कार्रवाई होगी और इसके बाद न्यायालय को आख्या भेजी जाएगी।

छह साल से दस्तावेजों में फंसा है मामला
विकास दुबे की मौत 10 जुलाई 2020 को कानपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद तैयार दस्तावेजों में पिता का नाम गलत दर्ज होने के कारण मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कराने में अड़चन आई। पत्नी ऋचा दुबे का कहना है कि उन्होंने नाम ठीक कराने के लिए नगर निगम, पोस्टमार्टम हाउस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन मामला नहीं सुलझा। हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने रिकॉर्ड की जांच शुरू की है।

विज्ञापन

पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्थाएं भी परखीं
विकास दुबे से जुड़े अभिलेखों की जांच के बाद सीएमओ ने पोस्टमार्टम हाउस का निरीक्षण भी किया। उन्होंने डिप फ्रीजर रूम में साफ-सफाई और व्यवस्थाएं देखीं।  डिप फ्रीजर की क्षमता बढ़ाने और वोल्टेज की व्यवस्था दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें