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19 राज्यों में साइबर फ्रॉड की 114 घटनाएं दर्ज मिलीं
इसी दौरान मिली जानकारी और दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड निकाले जाते थे। कूटरचित ई-केवाईसी के जरिये इन सिम को एक्टिवेट किया जाता था। इनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा रहा था। पुलिस ने एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल पर जांच की तो सिम कार्ड से जुड़े साइबर अपराधों की जानकारी सामने आई। जांच में दीपक कुमार के जरिए 69 सिम कार्ड निकाले जाने की बात सामने आई। इन सिम कार्डों से 19 राज्यों में साइबर फ्रॉड की 114 घटनाएं दर्ज मिलीं।
ये सामान हुआ है बरामद
वहीं, विक्रांत सिंह के जरिए 36 सिम कार्ड निकाले गए थे। इनसे 16 राज्यों में साइबर फ्रॉड की 56 घटनाएं सामने आईं। पुलिस के अनुसार इन घटनाओं में लाखों रुपये की साइबर ठगी की गई। पुलिस ने दीपक के कब्जे से 29 ब्लैंक सिम कार्ड, एक एंड्रॉयड मोबाइल और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। वहीं विक्रांत के पास से 19 ब्लैंक सिम कार्ड और एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुआ है। पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय भेजा जा रहा है।