कानपुर में महाराजपुर क्षेत्र के पुरवामीर समेत आसपास के गांवों में 22 दिन पहले रात में फेंका गया क्रोमियमयुक्त जहरीला कचरा अब ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता बन गया है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपी पीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन के अनुसार जांच में ट्राईवेलेंट क्रोमियम के साथ हेक्सावेलेंट क्रोमियम की भी पुष्टि हुई है, जो लेदर टैनिंग, पिगमेंट निर्माण, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और स्टेनलेस स्टील वेल्डिंग जैसी औद्योगिक प्रक्रियाओं से पैदा हो सकता है।
हवा या पानी के जरिये शरीर में पहुंचने पर इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। नाक, गले और फेफड़ों में जलन व अल्सर तथा त्वचा पर रैश और एलर्जी भी हो सकती है। पुरवामीर, महोली, महुआ, तिवारीपुर और रूमा समेत आसपास के कई गांवों में कचरा खुले में पड़ा है। ग्रामीणों के मुताबिक पुरवामीर स्थित तरंग रेस्टोरेंट की एक बोरिंग खराब हो चुकी है।