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बात सेहत की: तीन गुना तेल खाकर बीमारियां पका रहे शहरी, बढ़ रहा मोटापा…दिल-लिवर पड़ रहा खतरे में, पढ़ें रिपोर्ट

Sun, 28 Sep 2025 10:54 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Health News: गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि रोगियों के खानपान में तेल की खपत अधिक है। इस वजह से लिवर में वसा का जमाव बढ़ता है और लिवर फैटी हो जाता है।
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तेल - फोटो : Adobe
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विस्तार
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मोटापा और हृदय की बीमारियों से बचाव के लिए केंद्र सरकार तेल का सेवन 10 फीसदी कम करने की मुहिम चला रही है लेकिन वर्तमान में लोग जरूरत से तीन-चार गुना तक अधिक तेल खा रहे हैं। इससे बीमारियां और शरीर में वसा का जमाव बढ़ रहा है। रोगियों की जांचों में तेल के अधिक सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं। बच्चे, बड़े और महिलाएं सभी इसकी गिरफ्त में हैं।

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फिजीशियन, इंडोक्रोनोलॉजिस्ट और गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट आदि विशेषज्ञों का कहना है कि जरूरत से अधिक तेल का सेवन मोटापा बढ़ा रहा। इलाज करने के साथ रोगियों को तेल का सेवन घटाने की गाइडलाइन बताई जा रही है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सीनियर फिजीशियन और इंडोक्रोनोलॉजी क्लीनिक प्रभारी डॉ. विशाल कुमार गुप्ता ने बताया कि सामान्य व्यक्ति को 20 से 30 मिली तक तेल का सेवन करना चाहिए और लोग 150 से 200 मिली आम तौर पर सेवन कर रहे हैं।

रोगियों के खानपान में तेल की खपत अधिक
उन्होंने बताया कि जो मांसाहार के शौकीन हैं, वे 300 मिली तक तेल का सेवन करते हैं। इससे मोटापा होने लगता है। शरीर के अंगों में वसा का जमाव हो रहा है। बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 से अधिक होना मोटापा माना जाता है। जांचों में पाया गया कि इस स्थिति में खतरे के कारक उभरने लगते हैं। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि रोगियों के खानपान में तेल की खपत अधिक है। इस वजह से लिवर में वसा का जमाव बढ़ता है और लिवर फैटी हो जाता है।

आंतों में अल्सर और कोलन कैंसर का होता है खतरा
ये शिकायतें लेकर आ रहे मोटापाग्रस्त रोगी मोटापाग्रस्त 90 फीसदी रोगियों में कोलेस्ट्राल सामान्य से अधिक निकलता है। इनमें हाइपरटेंशन के लक्षण रहते हैं। मोटापा वाले 95 फीसदी रोगियों का लिवर जांच में फैटी मिल रहा है। युवतियों में पीसीओडी की समस्या आ रही है। साथ ही बांझपन का खतरा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे से आंतों में अल्सर और कोलन कैंसर का खतरा होता है।

इन रोगों का भी खतरा
  • मोटापा से ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए), ऑस्टियो आर्थराइटिस, पुरुषों में नपुंसकता आदि रोग।
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इन बातों का रखें ध्यान

  • जांच कराते रहें, ओवर वेट न होने पाएं।
  • भोजन में वसा वाले खाद्य पदार्थ कम करें।
  • जंक फूड और मैदा वाली चीजें न खाएं।
  • कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, घी का अधिक सेवन न करें।
  • बच्चों को बाहर मैदान में खेलने के लिए भेजें।
  • बीएमआई 30 से अधिक होने पर मोटापा कम करने वाली दवाएं खाएं।
  • बीपी, डायबिटीज आदि हो तो बीएमआई 27 से अधिक होने पर दवा शुरू करें।
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