हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) प्रशासन ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में अपने नियम-कानून लागू कर रखे हैं। संस्थान ने कंप्यूटर साइंस से बीटेक और इलेक्ट्रानिक्स से पीएचडी करने वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति के लिए योग्य मान लिया है लेकिन ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन में इसको मान्य नहीं किया गया है।
गजट के मुताबिक, प्रदेश के किसी भी तकनीक संस्थान में बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग से करने वाले अभ्यर्थियों को पीएचडी भी उसी या उससे संबंधित विषय से करने का नियम है। पूरे देश के तकनीक संस्थानों को इस नियम का पालन करना होता है। कोई भी विवि अपना अलग नियम नहीं बना सकता है।
हालांकि एचबीटीयू संस्थान ने इसे भी दरकिनार कर दिया है। जिस महिला अभ्यर्थी को एचबीटीयू ने इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया है, उनकी पीएचडी और स्नातक की डिग्री के विषय अलग-अलग हैं। इस संबंध में विवि के कुलपति प्रो. समशेर सिंह का कहना है कि हर संस्थान के भर्ती के नियम अलग अलग होते हैं।
प्रमुख सचिव बोले, किसी भी अभ्यर्थी के साथ नहीं होगा अन्याय
विवि में 24 मई को होने वाली एग्जिक्यूटिव काउंसिल की बैठक में भर्तियों के लिफाफे खुलने थे। बैठक में प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा सुभाष चंद्र शर्मा को भी आना था पर वह बजट सत्र के चलते नहीं आ पाए थे। उन्होंने बताया कि बजट सत्र की वजह से बैठक स्थगित करने के निर्देश दिए गए थे। किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होगा।
यह है नियम
कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग वाला छात्र एआई, एडवांस कम्युनिकेशन एंड इंफार्मेशन सिस्टम, कम्युनिकेशन एंड नेटवर्किंग, कंप्यूटर एंड कम्युनिकेशन, कंप्यूटर एंड इंफार्मेशन साइंस, कंप्यूटर इंजीनियरिंग सहित अन्य ब्रांचों से पीएचडी कर सकता है। इसमें इलेक्ट्रानिक्स ब्रांच नहीं है।