नई पहचान के साथ अलग-अलग शहरों में रह रही हैं युवतियां
सूत्रों की मानें, तो पूछताछ में ऐसी कई युवतियों का पता चला है कि जो इसी तरीके से भारत में दाखिल हुई और अब नई पहचान के साथ देश के अलग-अलग शहरों में रह रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि दूसरे देश से आने वाली महिलाओं का इस्तेमाल हनी ट्रैप से लेकर किसी भी तरह की गतिविधि के लिए हो सकता है। साथ ही ऐसे रास्ते का दुरुपयोग देश विरोधी गतिविधि के लिए होने का खतरा है, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। वहीं, देह व्यापार के एंगल से भी जांच की जा रही है।
एजेंसियां बनवा रही फर्जी आधार
सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि दिल्ली की एजेंसियां ही इन युवतियों की फेंक आईडी बनवा रही है। साथ ही मोटा कमीशन लेकर घरों में कामकाज के लिए इन्हें भेजा जाता है। पकड़ी गई बांग्लादेशी युवती अखीमुंशी उर्फ मधू सिंह के पास भी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने पैन और आधार बनने की जांच कर रही है।
अखीमुंशी और नाजमा से पूछताछ की गई है। कुछ जानकारियां मिली हैं जिन्हें तस्दीक करने के लिए पुलिस की टीम कोलकाता, दिल्ली जाएगी। अखीमुंशी से भी पूछताछ की जा रही है। -विजय ढुल, डीसीपी पश्चिम