निजी एम्बुलेंस वालों पर की थी कार्रवाई
डॉ. काला ने बताया कि कुछ माह पहले निजी एम्बुलेंस वालों और हॉस्पिटल से निजी नर्सिंग होम में मरीजों को भेजने के मामले में कार्रवाई की थी। इस पर एक कर्मचारी ने फोन पर धमकी दी थी। मामले में तहरीर दिए तीन महीने हो गए है, लेकिन फिर भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
डिप्टी सीएम से करेंगे शिकायत
मामले में जिस नंबर से फोन आया था, उसे हैलट चौकी इंजार्च को दिया गया था। वो नंबर किसी और का है, जिसका कर्मचारी गलत इस्तेमाल कर रहा था। मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसको लेकर स्वरूपनगर थाने के असहयोग की शिकायत डिप्टी सीएम से करेंगे।