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कानपुर: हैलट अस्पताल को दवाओं के लिए मिले छह करोड़, अब दूर होगी किल्लत

Wed, 14 Aug 2019 02:07 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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हैलट अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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दो महीने से जीवन रक्षक दवाओं का संकट झेल रहे कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल को शासन ने छह करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही दवाओं के संकट के संबंध में प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या को फोन करके स्थिति पूछी।
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इस संबंध में जवाब भी मांगा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस संबंध में जानकारी ली। बता दें कि हैलट अस्पताल में जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत तीन महीने से बनी हुई है। आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को भी बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

हैलट अस्पताल में औषधि एवं रसायन का वार्षिक बजट 12 करोड़ रुपये का है। बजट के साढ़े तीन करोड़ रुपये से बीते वित्तीय वर्ष की उधारी चुकाई गई। बचे पैसे से दवाओं, आक्सीजन और रसायन का इंतजाम किया गया।
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तीन महीने पहले जब दवाओं की किल्लत शुरू हुई तो प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने दवाओं की खरीद के लिए वित्तीय अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा। वित्त नियंत्रक ने इसे वापस कर दिया। दो महीने पहले फिर 45 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया। इस पर भी अनुमति नहीं मिली। स्टाक की दवाएं भी धीरे-धीरे खत्म होने लगीं।

हैलट में दवाओं की किल्लत के संबंध में मंडलायुक्त सुभाषचंद शर्मा ने भी हैलट की सीएमएस डॉ. रीता गुप्ता को फोन करके स्थिति की जानकारी ली और कहा कि दवाओं के संकट के संबंध में पहले क्यों नहीं बताया गया।

प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि शासन ने छह करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। अस्पताल के लोड को देखते हुए 111 करोड़ रुपये सालाना बजट की जरूरत है। दवाओं के लिए सिर्फ 12 करोड़ रुपये बजट मिलता है। प्रमुख सचिव को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
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