नहीं मिलता है आबंधन शुल्क
उनकी बहस फीस भी 1500 से बढ़कर 2300 रुपये कर दी गई है। उपजिला शासकीय अधिवक्ता की आबंधन फीस 5400 से बढ़कर नौ हजार रुपये हुई है। उनकी बहस फीस 1200 से बढ़कर दो हजार रुपये कर दी गई है। नामिका वकील, विशेष अधिवक्ता और न्याय मित्र की बहस फीस भी 1500 से बढ़कर 2300 रुपये हुई है। इन्हें आबंधन शुल्क नहीं मिलता है।
फीस में वृद्धि न होने से परेशानी हो रही थी
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी दिलीप अवस्थी ने इस निर्णय पर खुशी जताई। उन्होंने बताया कि काफी समय से लंबित मांग को मुख्यमंत्री की मंजूरी मिली है। हर साल महंगाई बढ़ने के बावजूद फीस में वृद्धि न होने से परेशानी हो रही थी। शासन ने इस समस्या को समझकर समाधान किया है। मुख्यमंत्री इस समाधान के लिए बधाई के पात्र हैं।
एक-दूसरे को फोन कर अपनी खुशी साझा की
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता ओंकारनाथ वर्मा ने भी खुशी व्यक्त की। शिवभगवान गोस्वामी, ओमेंद्र दीक्षित और प्रदीप कुमार साहू ने भी प्रसन्नता जताई। संजय झा, प्रद्युम्न अवस्थी, दिनेश अग्रवाल और भास्कर मिश्रा ने भी शासनादेश पर हर्ष व्यक्त किया। जितेंद्र पांडे, सुशील पांडे, अजय प्रकाश और अरविंद डिमरी ने भी बधाई दी। सभी अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे को फोन कर अपनी खुशी साझा की।