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कानपुर: शासन से नामित अफसर खंगालेगा नगर निगम का भ्रष्टाचार, अभियंत्रण विभाग के 12 अधिकारी-कर्मचारी रडार पर

Thu, 27 Aug 2026 11:35 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शासन को पत्र लिखकर मुख्य अभियंता स्तर के एक नए अधिकारी को नामित करने की मांग की है। नगर निगम के अभियंत्रण विभाग से जुड़े करीब 12 अधिकारी और कर्मचारी जांच के दायरे में हैं।
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कानपुर नगर निगम - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर नगर निगम के भ्रष्टाचार की जड़ें अब शासन से नामित मुख्य अभियंता स्तर का एक नया अधिकारी उखाड़ेगा। इस संबंध में नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने शासन को पत्र लिखा है। वर्षों से चले आ रहे नगर निगम के इस भ्रष्टाचार में अभियंत्रण विभाग से जुड़े करीब 12 अधिकारी और कर्मचारी फंस सकते हैं। इन पर कार्रवाई भी हो सकती है। नगर निगम में कई अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से एक ही जगह जमे हुए हैं।

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इनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि तबादले से पहले ही ये बचाव के रास्ते भी निकाल लेते हैं। इन्हीं की मदद से ठेकेदारों का सरगना गोविंद शुक्ला अपनी हुकूमत चला रहा था। अब जब इस मामले में जांच शुरू हुई, तो पांच फर्में काली सूची में डाली गईं। एफआईआर और गिरफ्तारियां भी हुईं, तो परतें खुलने लगीं। मामले में विभाग के कर्मचारियों की ठेकेदार सिंडिकेट से सांठगांठ की जांच के लिए नगर आयुक्त ने समिति भी गठित की है।

नए अधिकारी को भेजा जाए, ताकि कार्रवाई प्रभावित न हो
लेकिन उन्हें वर्तमान अधिकारियों, कर्मचारियों की भूमिका पर संदेह है। जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो, इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा है। इसमें निगम में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए मुख्य अभियंता स्तर का एक नया अधिकारी नामित करने की मांग की है। उनका कहना है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी जांच को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए नए अधिकारी को भेजा जाए, ताकि कार्रवाई प्रभावित न हो।

एक दिन पहले बनाई थी समिति
एक दिन पहले मंगलवार को नगर आयुक्त ने अपने विभाग के भ्रष्टाचारी कर्मियों, अधिकारियों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। इसमें अपर नगर आयुक्त प्रथम को अध्यक्ष, अपर नगर आयुक्त द्वितीय व मुख्य नगर लेखा परीक्षक को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। पारदर्शिता लाने के लिए अभियंत्रण विभाग का कोई भी अधिकारी इस समिति में नहीं रखा गया है। ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार हो रही है जिन पर जल्द कार्रवाई होगी। अभी करीब 12 कर्मी और अधिकारी निशाने पर हैं।
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जांच निष्पक्ष रूप से पारदर्शी तरीके से हो सके, इसके लिए शासन से नए अधिकारी की मांग की है। उम्मीद है कि जल्द ही नए अधिकारी की नियुक्ति मिलेगी जिसकी देखरेख में जांच आगे बढ़ेगी।  -अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त
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