लगातार बारिश से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 111.15 मीटर है। प्रशासन के साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी नजर रखे हुए हैं। तीन अगस्त से लगातार बारिश हो रही है। इसके अलावा हरिद्वार, नरौरा से छोड़े जा रहे पानी और अन्य नदियों के बहाव का असर गंगा में दिख रहा है।
मंगलवार को गंगा बैराज पर जलस्तर 113.050 मीटर था जो चेतावनी बिंदु 114 मीटर के नजदीक है। हालांकि, यह खतरे के निशान 115 मीटर से दूर है। मंगलवार को नरौरा से 80447 और हरिद्वार से 14397 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बैराज के सभी 30 गेट खोल कर 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सिंह ने बताया कि अभी गंगा चेतावनी व खतरे के निशान से दूर है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। कटरी से सटे इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
सीढ़ियां डूब गई
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अटल घाट की सीढ़ियों तक पानी
गंगा का जलस्तर बढ़ने से अटल घाट की दो से तीन सीढ़ियां डूब गई हैं। सैलानियों के लिए बनाया गया प्वाइंट भी लबालब भर गया है। यहां सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं जिससे लोगों को आने से रोका जा सके।
ब्रह्मवर्त खूटी डूबी
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गंगा का जलस्तर बढ़ा, ब्रह्मवर्त खूटी डूबी
गंगा का जलस्तर बढ़ने से मंगलवार देर रात बिठूर स्थित ब्रह्मवर्त खूटी डूब गई। खूटी का डूबना अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है लेकिन साथ ही कटरी के इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ जाता है। इस बीच गंगा में कटान भी शुरू हो गया है। आशंका है कि अगले कुछ दिनों में अगर इसी तरह से जलस्तर बढ़ा तो कटरी के सब्जी के खेतों और अमरूद के बगीचों में पानी घुसने लगेगा।