ककवन थाना क्षेत्र के एक गांव में पिछले साल अक्तूबर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। किशोरी गर्भवती भी थी। मामले में गांव निवासी युवक करन, लेखपाल रंजीत व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पिछले महीने प्रसव के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी। मामले में पीड़िता के पिता का डीएनए सैंपल लिया गया है।
कानपुर के ककवन में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस की जांच में नया मोड़ आया है। शक के दायरे में पीड़िता का पिता आया है। इसलिए पुलिस ने मंगलवार को उसका डीएनए सैंपल संरक्षित कराया। पुलिस का दावा है कि कुछ अहम तथ्य सामने आए हैं, इसलिए पीड़िता के पिता की डीएनए जांच जरूरी है।
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ककवन थाना क्षेत्र के एक गांव में पिछले साल अक्तूबर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। किशोरी गर्भवती भी थी। मामले में गांव निवासी युवक करन, लेखपाल रंजीत व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पिछले महीने प्रसव के दौरान पीड़िता की मौत हो गई थी। नवजात मृत पैदा हुआ था। तब मामले ने तूल पकड़ा। पुलिस ने लेखपाल रंजीत को जेल भेजा था। इसके पहले करन को जेल भेज चुकी थी। पुलिस ने कोर्ट से अनुमति लेकर रंजीत व करन की डीएनए जांच के लिए सैंपल कलेक्ट कराया था।
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एसपी आउटर अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले की जब विवेचना की गई तो कुछ तथ्य ऐसे सामने आए जिससे शक के दायरे में पीड़िता का पिता भी आया है। इसलिए उनका डीएनए सैंपल संरक्षित कराया गया है। मामले में एक प्रधान पति समेत तीन से चार और लोगों के डीएनए सैंपल लिए जाने हैं। ये सभी शक के दायरे में हैं।