फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: इतिहास का गवाह गांधी भवन…अनदेखी से हो रहा खंडहर, दीवारें हो चुकी हैं जर्जर…छत टपक रही है, पढ़ें डिटेल

Fri, 08 Aug 2025 03:29 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: नरवल में स्थित गांधी भवन (गांधी घर) अब बदहाली का शिकार है, जिसकी दीवारें जर्जर हो चुकी हैं और छत टपक रही है। यह वही ऐतिहासिक जगह है, जहां महात्मा गांधी ने समय बिताया था और जिसे आज प्रशासन की अनदेखी ने खंडहर में बदल दिया है।
विज्ञापन
इतिहास का गवाह गांधी भवन हो रहा खंडहर - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में नरवल की मिट्टी में आज़ादी के आंदोलन की कई यादें दबी हैं। यहीं पर एक समय महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी और गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे महान नेता साथ रहे थे। आज वही ऐतिहासिक इमारत, जिसे गांधी भवन या गांधी घर के नाम से जाना जाता है। प्रशासन की अनदेखी का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो रही है।

विज्ञापन

इतिहास का गवाह गांधी भवन हो रहा खंडहर - फोटो : amar ujala

बदहाली पर आंसू बहा रहा है गांधी भवन
इस भवन में आज भी वह हथकरघा मौजूद है, जिसे गांधीजी ने खुद चलाया था। लेकिन अब यह पूरी तरह से खामोश है। एक समय जहां आत्मनिर्भरता और सादगी का संदेश दिया गया था। आज उसी जगह की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं और छतें टपक रही हैं। गांधी भवन, जो कभी एक उद्योग भंडार के रूप में जाना जाता था, अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

विज्ञापन

इतिहास का गवाह गांधी भवन हो रहा खंडहर - फोटो : amar ujala
कस्तूरबा गांधी ने अपने हाथों से रोटियां बनाई थीं
नरवल के लोग आज भी उस दौर को याद करते हैं, जब गांधीजी ने इस जगह पर समय बिताया था और कस्तूरबा गांधी ने अपने हाथों से रोटियां बनाई थीं। लेकिन उन्हें डर है कि अगर जल्द ही प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो यह गौरवशाली इतिहास सिर्फ कहानियों में ही सिमट कर रह जाएगा। नरवल के बुजुर्गों के मन में कई सवाल हैं, लेकिन उनका जवाब देने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें