पेरिस के एक स्कूल में पैगंबर-ए-इस्लाम का आपत्तिजनक कार्टून दिखाए जाने के विरोध में उलमा ने काली पट्टी बांधकर गद्दियाना में विरोध प्रदर्शन किया। इसकी अगुवाई ऑल इंडिया गरीब नवाज काउंसिल के कौमी सदर मौलाना मो. हाशिम अशरफी ने की।
उन्होंने फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष के इस्लाम विरोधी बयान की निंदा की। साथ ही संयुक्त राष्ट्र से दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की गई। मौलाना अशरफी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने पूरी दुनिया को भाईचारा और मानवता का संदेश दिया है। मुसलमान किसी के धर्मगुरुओं, धार्मिक पुस्तकों व धर्मस्थलों की तौहीन नहीं करते हैं।
ऐसे में दोषियों को सख्त सजा मिले जिससे कोई बोलने की आजादी का गलत इस्तेमाल न करे। इस मौके पर मौलाना सुहैब मिस्बाही, मो. कासिम अशरफी, मौलाना मसूद रजा, हाफिज मो. अशरफ अशरफी, हाफिज नियाज अशरफी, हाफिज मो. मुश्ताक आदि मौजूद रहे।