करवाचौथ के दिन शुक्रवार रात चार सुहागिनों का सुहाग उजड़ गया। उनके पतियों ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कहीं खुदकुशी की वजह दंपती के बीच अनबन तो कहीं वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया।
सेनपश्चिम पारा थाना क्षेत्र के बिनगवां में रहने वाले मनोज श्रीवास्तव (45) ने फंदा लगाकर जान दे दी। साले संजय का आरोप है कि जीजा मनोज शराब के लती थे। इस कारण आए दिन बहन से विवाद होता था। डेढ़ साल से बहन अपनी दो बेटियों के साथ चंदीपुरवा में किराये पर रहने लगी थी। आरोप है कि जीजा वहां पर पहुंचकर बहन को परेशान करने लगे। इसके बाद बहन मायके फतेहपुर चली गई। शुक्रवार रात मनोज मिलने पहुंचे। वहां निर्मला के कमरा खाली कर देने की जानकारी हुई। इसके बाद उसने बिनगवां पहुंचकर फंदा लगा जान दे दी।
वीरेंद्र कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह रावतपुर थाना क्षेत्र के मथुरानगर में रहने वाले इलेक्ट्रीशियन वीरेंद्र कुमार (45) ने दुपट्टे से देर रात फंदा लगाकर जान दे दी। पत्नी गुंजा व दो बेटियों अंकिता व श्रद्धा हैं। करवाचौथ की पूजा के बाद सभी ने खाना खाया। बड़े भाई सत्येंद्र ने बताया कि वीरेंद्र छोटी बेटी अंकिता को लेकर सोता था। बड़ी बेटी श्रद्धा अपनी मां के साथ सोती थी। इस बार वीरेंद्र ने अंकिता को भी मां के पास ही सोने के लिए भेज दिया। रात तीन बजे उठी गुंजा ने पति को कमरे में न पाकर बगल के कमरे में पहुंची। वहां पति का शव फंदे से लटका देखा। परिजनों ने दंपती के बीच विवाद की बात से इन्कार किया है। रावतपुर इंस्पेक्टर केेके मिश्रा ने बताया खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं हैं।
विकास साहू की फाइल फोटो
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वहीं, बर्रा थाना क्षेत्र के दामोदरनगर निवासी विकास साहू (34) ने रात के वक्त फंदा लगाकर जान दे दी। बड़े भाई विशाल ने बताया कि विकास इलेक्ट्रीशियन था। परिवार में पत्नी पूजा और नौ साल की बेटी हनी है जो आपसी विवाद के चलते तीन वर्षों से अलग रह रही है। बेटी भाई के पास रह रही थी। विकास अवसाद में था। शुक्रवार देर रात उसने जान दे दी। बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के पीछे डिप्रेशन बताया जा रहा है।
इसी तरह गोविंदनगर थाना क्षेत्र के कच्ची बस्ती महादेव नगर निवासी मजदूर शीलू सिंह (45) ने रात को करवाचौथ की पूजा से पहले फंदा लगाकर जान दे दी। उनके बेटे अंकित ने बताया कि पूजा की खरीदारी करने के लिए मां नीतू, छोटी बहन खुशी बाजार गए थे। भाई आलोक काम पर गया था। इसी दौरान पिता ने घर में फंदा लगा कर जान दे दी। गोविंदनगर इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजनों ने कोई कारण नहीं बताया है।