एंटी ग्रैविटी सूट और एमसी बालासुब्रमणियम
- फोटो : amar ujala
सुखोई 30, तेजस, हॉक, मिराज और जगुआर लड़ाकू विमानों के पायलटों के लिए कानपुर स्थित ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) की इकाई आयुध पैराशूट निर्माणी (ओपीएफ) में एंटी ग्रैविटी सूट बनाए जाएंगे। इस तरह के सूट देश में पहली बार बनेंगे। अभी तक इनका आयात किया जाता था। निर्माणी को लाइसेंस फॉर ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही डीआरडीओ की रिसर्च लैब डिफेंस बायो इंजीनियरिंग एंड इलेक्ट्रो मेडिकल लेबोरेटरी (डीईबीईएल) बंगलूरू को सूट का सैंपल तैयार करके भेजा जाएगा।
इसके बाद इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा। दरअसल काम्बैट फ्री फाल सिस्टम में पायलट को ग्रैविटी सूट, नेविगेशन, कम्युनिकेशन डिवाइस, ऑक्सीजन सिस्टम से लैस किया जाता है। लड़ाकू विमान बेहद ऊंचाई पर उड़ते हैं। लड़ाकू पायलटों को तंग मोड़, तेज चढ़ाई और अन्य आक्रामक उड़ान युद्धाभ्यास करते समय अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल यानी जी-बल का सामना करना पड़ता है। इन परिस्थितियों में रक्त निचले अंगों में जमा हो जाता है, जिससे मस्तिष्क में रक्त की आपूर्ति कम हो जाती है।