सौतेली बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रघुवीर सिंह ने उम्रकैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को मिलेगी। कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी पीड़िता को क्षतिपूर्ति देने के लिए संस्तुति की है। सबूतों के अभाव में पीड़िता की मां को दोषमुक्त करार दिया गया है।
पनकी में रहने वाली पीड़िता ने सात जून 2021 को मध्य प्रदेश के कटनी में अपनी मां व सौतेले पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि शराब के लती पिता से उसकी मां का झगड़ा होता था जिस कारण उनका तलाक हो गया। मां ने वर्ष 2018 में बजरिया के रहने वाले युवक से दूसरी शादी कर ली। मां अपने शौहर के साथ रहती थी जबकि वह व उसके तीन भाई नानी के घर में रहते थे। कुछ समय बाद वह मां के घर रहने गई तो वहां सौतेले पिता ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। उसने मां को यह बात बताई तो मां उसे लेकर कटनी चली गई जहां स्पा सेंटर में काम करने लगी। आरोप लगाया था कि मां उसे जिस्मफिरोशी के धंधे में डालना चाहती थी। वह किसी तरह बचकर थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर पनकी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।
विवेचना के बाद माता-पिता दोनों को जेल भेजा गया और दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अभियोजन की ओर से पीड़िता समेत नौ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। पीड़िता ने कोर्ट में गवाही के दौरान बयान बदलते हुए मां के पक्ष में बयान दिया था। कहा था कि थाने में तहरीर बदलकर मां का नाम जोड़ दिया गया। विवेचक के डराने-धमकाने पर उसने मां के खिलाफ बयान दिया था। मां से उसे कोई शिकायत नहीं है और वह उसी के साथ रहना चाहती है। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने पिता को दोषी मानकर सजा सुनाई जबकि मां को दोषमुक्त करार दे दिया।