मिनट-दर-मिनट का ब्यौरा
इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की हर गतिविधि कैद हुई है, जो रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
- आधी रात की 'प्लानिंग': जब पत्नी, बेटा और दोनों बच्चियां अपने कमरों में सोने चले गए, तब आरोपी काफी देर तक अपने फोन पर व्यस्त रहा।
- 12:48 बजे: शशिरंजन पहली बार बच्चियों वाले कमरे में दाखिल हुआ।
- 01:50 बजे: उसने पहली मासूम बेटी की जान ले ली।
- 02:14 बजे: वह कमरे से बाहर निकलता दिखा, लेकिन फिर वापस गया।
- 03:35 बजे: उसने दूसरी बेटी का भी गला घोंट दिया।
हत्या के बाद भी दिखा इत्मीनान
बेटियों का कत्ल करने के बाद भी आरोपी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। 04:24 बजे वह कमरे से बाहर आया और सामान्य तरीके से दो बार किचन में गया। आरोपी ने बड़े इत्मीनान से अपने जूते पहने, लॉबी में टहला और फिर 04:32 बजे खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी।
शराब, गुस्सा और फिर कत्ल
किदवईनगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में शराब की लत एक अहम कारण के रूप में सामने आई है। गुस्से, तनाव और शराब की हमजोली ने पूरा परिवार बर्बाद कर दिया। आरोपी पिता पर अपनी मासूम जुड़वां बेटियों की हत्या का आरोप है।
नशे ने आग में घी का काम किया
थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी की शराब की आदत को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि दंपती में पहले से तनाव था। जो आरोपी के शराब पीने के बाद और बढ़ जाता था। घटना वाली रात उनके बीच हुए विवाद में नशे ने आग में घी का काम किया। पुलिस आरोपी के व्यवहार, फोन रिकॉर्ड और दिनचर्या की गहन जांच कर रही है।
शराब को ही हत्या की वजह मानना जल्दबाजी
पड़ोसियों के बयानों से भी घर में अक्सर झगड़े होने की जानकारी मिली है। हालांकि, जांचकर्ता केवल शराब को ही हत्या की वजह मानने को जल्दबाजी बता रहे हैं। घरेलू विवाद, मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है।
आरोप पत्र में अन्य कारणों का खुलासा होगा
पुलिस अब विधि विज्ञान साक्ष्य, शव परीक्षण रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को जोड़कर पूरी कड़ी तैयार कर रही है। आरोप पत्र में शराब की भूमिका और अन्य कारणों का खुलासा होगा। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं पर गौर कर रही है। आरोपी के व्यवहार और उसके फोन रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
सोचने-समझने की क्षमता होती है प्रभावित
मनोवैज्ञानिक संध्या शुक्ला के अनुसार, शराब सीधे अपराध नहीं कराती है। यह व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इससे छोटी-छोटी बातें भी बड़ा और गंभीर रूप ले लेती हैं। यही कारण है कि कई घरेलू हिंसा के मामलों में नशा एक सामान्य कारक के रूप में सामने आता है।
यहां भी शराब बनी वारदात का ट्रिगर
- जनवरी 2026: घाटमपुर के शारदेपुर में युवक ने पत्नी और ढाई साल के बेटे को बांके से काट डाला।
- दिसंबर 2025: बर्रा में युवक ने घर पर शराब पीने से रोकने पर रॉड मारकर की हत्या।
- दिसंबर 2025: बिठूर में शराब पीने के बाद पत्नी ने पति पर कुल्हाड़ी से 15 वारकर मार डाला।
- अक्तूबर 2025: बिठूर के पारा प्रतापपुर में युवक ने छोटे भाई को कीचड़ में दबाकर मार दिया।
- मई 2025: चौबेपुर में युवक ने पत्नी के ईंट से कूंचा,गला रेता फिर छत से नीचे फेंक मार डाला।