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रिद्धि-सिद्धि मर्डर: ‘हाय दीदी, उसने सबको मार डाला’, सब खोकर बंगाल लौटेगी रेशमा, CCTV में कैद कातिल पिता का सच

Wed, 22 Apr 2026 05:17 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Double Murder News: किदवई नगर हत्याकांड की पीड़ित रेशमा अपनी जुड़वां बेटियों को खोने के गम में कानपुर छोड़ वापस बंगाल बसने जा रही हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पिता शशिरंजन ने पूरी योजना के साथ आधी रात को वारदात को अंजाम दिया और फिर खुद ही पुलिस को फोन किया।
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मां रेशमा, रिद्धि-सिद्धि और आरोपी शशिरंजन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानुपर में किदवईनगर के दोहरे हत्याकांड के बाद पीड़ित मां रेशमा ने अब कानपुर छोड़ अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल लौटने का फैसला किया है। दोनों जुड़वां बच्चियों को खोने के बाद वह पूरी तरह टूट चुकी हैं। जिस घर में कभी बेटियों की हंसी गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा और दर्द भरी यादें रह गई हैं।

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सोमवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के कलिम्पोंग निवासी रेशमा के भाई बालबहादुर और बहन हेमा छेत्री मंगलवार को शहर पहुंचे। दोनों को देखकर रेशमा की आंखों से आंसूओं का सैलाब फूट पड़ा। हाय दीदी, उसने दोनों को मार डाला..कहकर वह बहन के गले लगी बिलख पड़ी। बहन ने ढाढ़स बंधाया और इस मुश्किल घड़ी में सहारा बनने का भरोसा दिया।

ब्यूटी पार्लर की नौकरी छाेड़ दी थी
भाई ने भावुक होकर कहा कि बच्चियों की जान लेने वाले को भगवान भी माफ नहीं करेगा। भाई ने बताया कि पश्चिम बंगाल में जल्द ही मतदान होना है, इसलिए वे एक दो दिन रुककर वापस लौट जाएंगे।  हालांकि, 15 दिन बाद दोबारा कानपुर आएंगे और रेशमा को अपने साथ ले जाएंगे। परिजन के मुताबिक, रेशमा ने शादी के बाद ब्यूटी पार्लर की नौकरी छाेड़ दी थी।

इसी कमरे में की गई दोनों बेटियों की हत्या - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फ्लैट में हर कोना उसे भयावह रात की याद दिलाता है
घटना के बाद से वह गहरे सदमे में है और लगातार बच्चियों को याद कर रही हैं। फ्लैट में हर कोना उसे भयावह रात की याद दिलाता है। इसलिए उसने वहां न रहने का फैसला लिया है। अब उनकी प्राथमिकता रेशमा को इस माहौल से दूर ले जाकर संभालना है। गांव का शांत वातावरण और अपनों का साथ ही उसे इस गहरे दुख से उबरने में सहारा दे सकता है।

बेटियों की हत्या के पहले भाई को मिलाया फोन, नहीं हो पाई बात
बेटियों की जान लेने के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचे शशिरंजन ने उस रात घटना से पहले भाई राजीव को फोन किया था। राजीव फोन नहीं उठा पाया तो उसने करीब दो घंटे बाद कॉल बैक की। इस बार भी उसका फोन नहीं उठा। इस बात की पुष्टि पुलिस की जांच में हुई है।

पुलिस को जानकारी देती रेशमा - फोटो : amar ujala
काफी देर बाद तक आरोपी फोन पर व्यस्त रहा
इंस्पेक्टर बहादुर सिंह ने बताया कि हत्यारोपी के मोबाइल की जांच में यह बात सामने आई। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक जब दोनों बच्चियां, पत्नी व बेटा अपने-अपने कमरे में सोने चले गए, उसके काफी देर बाद तक आरोपी फोन पर व्यस्त रहा। 12:48 बजे वह बच्चियों वाले कमरे में गया।

सीसीटीवी और मोबाइल ने खोले राज
उसने 1:50 बजे पहली और 3:35 बजे दूसरी बेटी की जान ली। 2:14 पर वह बेटी के साथ कमरे से बाहर निकलता दिख रहा है। दोनों बच्चियों को मारने के बाद वह 4:24 पर बाहर आया और दो बार किचन में गया। इसके बाद जूते पहनकर लॉबी में गया। वहां से 4:32 बजे पुलिस को सूचना दी।

Kanpur Double Murder - फोटो : amar ujala
गुस्सा, तनाव और शराब की हमजोली से बर्बाद हुआ परिवार
किदवईनगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में हुए दोहरे हत्याकांड की जांच में शराब की लत एक अहम कारण के रूप में सामने आई है। गुस्से, तनाव और शराब की हमजोली ने पूरा परिवार बर्बाद कर दिया। आरोपी पिता पर अपनी मासूम जुड़वां बेटियों की हत्या का आरोप है।

शराब की आदत को भी जांच का हिस्सा बनाया
थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी की शराब की आदत को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि दंपती में पहले से तनाव था। जो आरोपी के शराब पीने के बाद और बढ़ जाता था। घटना वाली रात उनके बीच हुए विवाद में नशे ने आग में घी का काम किया। पुलिस आरोपी के व्यवहार, फोन रिकॉर्ड और दिनचर्या की गहन जांच कर रही है।

Kanpur Double Murder - फोटो : amar ujala
परिस्थितियों को भी बराबर महत्व दिया जा रहा
पड़ोसियों के बयानों से भी घर में अक्सर झगड़े होने की जानकारी मिली है। हालांकि, जांचकर्ता केवल शराब को ही हत्या की वजह मानने को जल्दबाजी बता रहे हैं। घरेलू विवाद, मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है।

फोन रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है
पुलिस अब विधि विज्ञान साक्ष्य, शव परीक्षण रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को जोड़कर पूरी कड़ी तैयार कर रही है। आरोप पत्र में शराब की भूमिका और अन्य कारणों का खुलासा होगा। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं पर गौर कर रही है। आरोपी के व्यवहार और उसके फोन रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : amar ujala
सोचने-समझने की क्षमता होती है प्रभावित
मनोवैज्ञानिक संध्या शुक्ला के अनुसार, शराब सीधे अपराध नहीं कराती है। यह व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। इससे छोटी-छोटी बातें भी बड़ा और गंभीर रूप ले लेती हैं। यही कारण है कि कई घरेलू हिंसा के मामलों में नशा एक सामान्य कारक के रूप में सामने आता है।
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