कानपुर के घाटमपुर में तहसील क्षेत्र में राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर एक सिविल जज की मां की जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर दी गई। जानकारी होने पर उन्होंने 15 सितंबर को कोतवाली में तहरीर दी थी। जिस पर पुलिस ने दस्तावेज लेखक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
अब पुलिस के साथ ही तहसील प्रशासन भी मामले की जांच में जुट गया है। मामला बड़े अधिकारी से जुड़ा होने के चलते प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। जनपद के सिविल कोर्ट के जज क्षेत्र के गांव जहांगीराबाद के रहने वाले हैं। एफ ब्लाक किदवई नगर, कानपुर निवासी मां विभा पत्नी नरेंद्र त्रिपाठी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उन्होंने पतारा गांव में गाटा संख्या 3891 में करीब सवा चार बीघा भूमि का बैनामा वर्ष 2005 में कराया था।
जिसका दाखिल खारिज भी उनके नाम पर है। तब से राजस्व अभिलेखों में उनका नाम पर बराबर दर्ज चला आ रहा है। 15 सितंबर को जब वह घाटमपुर तहसील गईं तो पता चला कि अज्ञात महिला ने कूटरचित फर्जी दस्तावेज लगाकर भूमि का बैनामा करा लिया है।
उन्होंने रजिस्ट्री निकलवा कर देखा तो 13 जनवरी 2021 को पारसनाथ शर्मा पुत्र चंदवीर शर्मा निवासी 104 ए /164 बी, रामबाग, कानपुर नगर व अनुराग सिंह चंदेल निवासी 111/7, हर्ष नगर, कानपुर व संदीप कुमार पुत्र घसीटे लाल निवासी ग्राम गौरिया तिलसहरी बुजुर्ग कानपुर नगर के नाम बैनामा कर दिया गया है।
जिसमें गवाही राजकरन पुत्र केशकरन निवासी 59 बी, शिवनगर, चकेरी, कानपुर व मानवेंद्र सिंह पुत्र श्रीकांत सिंह निवासी 726 जी ( 2 ए ) शिवपुरी पटेल नगर, हरजेंदर नगर कानपुर ने दी और बैनामा तहसील घाटमपुर के दस्तावेज लेखक प्रदीप शुक्ला ने लिखा। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।