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UP: कानपुर में फर्जी डिग्री फैक्टरी का भंडाफोड़; 60 सेलिब्रिटी से जुड़े मनीष के तार, ऐसे हुआ करोड़ों का खेल

Mon, 18 May 2026 04:40 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: पुलिस ने शिक्षा जगत से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बनाने वाले संगठित गिरोह का खुलासा किया है। किदवई नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में दो शातिर आरोपियों मनीष उर्फ रवि और अर्जुन यादव को गिरफ्तार किया गया है।
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Kanpur Fake Degree Racket - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर पुलिस ने शिक्षा जगत में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो इंटरमीडिएट से लेकर पीएचडी तक की फर्जी डिग्रियां घर बैठे मुहैया करा रहा था। किदवई नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी मनीष उर्फ रवि और अर्जुन यादव के बाद अब दो और नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में मास्टरमाइंड मनीष के रसूख ने पुलिस को भी चौंका दिया है। जांच के दौरान मनीष के मोबाइल से 60 से ज्यादा बॉलीवुड और खेल जगत की हस्तियों के साथ तस्वीरें मिली हैं। पुलिस अब इस 'सेलिब्रिटी एंगल' की गहराई से पड़ताल कर रही है।

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Kanpur Fake Degree Racket - फोटो : amar ujala

करोड़ों का ट्रांजेक्शन और अंतरराष्ट्रीय ठगी

पुलिस की प्राथमिक जांच में आरोपियों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन के सुराग मिले हैं। मुख्य आरोपी मनीष ने स्वीकार किया है कि वह GLOBAL BOOK OF EXCELLENCE AWARD UK LONDON नाम से एक फर्जी संस्था चलाता था। इस संस्था के जरिए वह बड़े आयोजनों का दावा करता और नामी हस्तियों को अवार्ड देने के बहाने लोगों से मोटी रकम वसूलता था। आरोपी मनीष ने पूछताछ में अपनी दुबई यात्रा की बात भी कबूली है, जिससे इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े होने की आशंका प्रबल हो गई है।

Kanpur Fake Degree Racket - फोटो : amar ujala

डिग्री की 'होम डिलीवरी' का काला खेल

यह गिरोह इतना शातिर था कि इन्होंने फर्जीवाड़े के लिए बाकायदा एक सिस्टम बना रखा था।

  • यूनिवर्सिटी के नाम का खेल: तेलंगाना यूनिवर्सिटी समेत देश के कई बड़े संस्थानों के नाम पर फर्जी डिग्रियां छापी जा रही थीं।

  • बरामदगी: पुलिस ने मौके से करीब 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट, फर्जी ग्रेड शीट, डिग्रियां और यूनिवर्सिटी की नकली मोहरें बरामद की हैं।

  • बिना परीक्षा डिग्री: गिरोह कई राज्यों के छात्रों को निशाना बनाता था और बिना किसी परीक्षा के उन्हें मनचाही डिग्री थमा देता था।

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https://youtu.be/99C1PdZHYys



SIT और क्राइम ब्रांच की पैनी नजर

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो लैपटॉप और दो मोबाइल जब्त किए हैं, जिनमें हजारों छात्रों का डेटा और फर्जीवाड़े के डिजिटल सबूत मौजूद हैं। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कानपुर पुलिस की एसआईटी और क्राइम ब्रांच अब उन अन्य लोगों की तलाश में जुटी है, जो इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल किन-किन सरकारी या निजी संस्थानों में नौकरी पाने के लिए किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह केवल एक शहर तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके तार देश के कई बड़े राज्यों और सफेदपोशों से जुड़े हो सकते हैं। मनीष की सेलिब्रिटी प्रोफाइल का इस्तेमाल वह लोगों को प्रभावित करने और अपना साम्राज्य फैलाने के लिए करता था।

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