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सफलता का 'जानलेवा' दबाव: 92% अंक भी नहीं दिला पाए सुकून, छात्रा ने फंदा लगाकर दी जान, परिजनों ने लगाया आरोप

Fri, 17 Apr 2026 01:45 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: हाईस्कूल में 92% अंक पाने वाली मेधावी छात्रा  ने पढ़ाई के मानसिक दबाव के चलते आत्महत्या कर ली। परिजनों ने स्कूल शिक्षकों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
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मृतका की फाइल फोटो और रोते बिलखते परिजन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में हाईस्कूल परीक्षा में 92 प्रतिशत अंक हासिल करने की खुशी परिवार मना भी नहीं पाया था कि अगले ही दिन घर में मातम छा गया। पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर शिवालिक भवन में गुरुवार शाम छात्रा वैशाली सिंह (16) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि स्कूल में पढ़ाई को लेकर बनाए जा रहे दबाव और अपेक्षा के चलते वह मानसिक तनाव में थी।

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परिजनों ने बताया कि बुधवार को ही उसने अर्मापुर स्थित केंद्रीय विद्यालय से हाईस्कूल की परीक्षा 92 प्रतिशत अंकों से पास की थी। पिता की कई साल पहले मौत हो चुकी है। एक मॉल कर्मी मां काजल और भाई प्रिंस के साथ किराए के घर पर रहती थी। भाई ने पूछने पर बताया कि वह पहले केंद्रीय विद्यालय में ही पढ़ता था, लेकिन पिता की मौत के बाद स्थितियां बिगड़ने से पढ़ाई छोड़नी पड़ी।

92% आने पर भी नाखुश थी
उसने बताया कि शरारती होने के कारण पूर्व में पढ़ाई के दौरान स्कूल के टीचर उसे डांटते थे। भाई का आरोप है कि स्कूल के कुछ टीचर उनकी बहन पर उनका हवाला देते हुए पढ़ाई का दबाव बना रहे थे। इसके चलते बहन दिन-रात पढ़ाई कर रही थी। 92% आने पर वह नाखुश थी। इसी के चलते उसने फंदा लगाकर जान दे दी। मां के अनुसार रोज की तरह गुरुवार दोपहर तीन बजे उन्होंने बेटी को कॉल की, लेकिन फोन नहीं रिसीव हुआ।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
इसके बाद उन्होंने शाम छह बजे बेटी को फोन मिलाया। उस दौरान भी बेटी ने फोन नहीं रिसीव। इस पर बेटे प्रिंस से जाकर बात करने के लिए कहा वह जब कमरे में पहुंचा, तो पंखे के सारे बेटी का शव पंखे के सहारे लटकता हुआ मिला। इसके बाद चीख पुकार मच गई। सूचना पर पनकी पुलिस फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची और जांच की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पता नहीं था- इतना बड़ा कदम उठा लेगी

घटना से स्तब्ध वैशाली के साथी छात्र-छात्राएं पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन लोगों ने छात्र की मां से बातचीत की। उन लोगों ने उनका दुख बाटकर ढांढस बंधाया। साथी छात्राओं का कहना था कि उन्हें नहीं पता था कि वैशाली पढ़ाई के दबाव में इतना बड़ा कदम उठा लेगी। घटना से परिजनों और दोस्तों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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