लाल इमली मिल में वेतन घोटाले के बाद नया मामला सामने आया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने कर्मचारियों का नियमित पीएफ अंशदान न जमा करने पर मिल पर 1.30 करोड़ की पेनाल्टी लगाई है। वहीं मिल प्रबंधन ने बीमार इकाई होने का हवाला देकर ईपीएफओ ट्रस्ट बोर्ड में मामला रखा है।
लाल इमली मिल में 2013 से उत्पादन बंद है। कपड़ा मंत्रालय की ओर से अलग-अलग समय पर बजट स्वीकृत होने के बाद कर्मचारियों को भुगतान किया जाता है। पिछले साल मंत्रालय ने कर्मचारियों के वेतन व अन्य मदों के लिए 102 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसमें से 80 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है। इसी में ही 23 लाख का घोटाला भी कर दिया गया, जिसकी जांच चल रही है। हालांकि एक अफसर ने गलती होना स्वीकारी है।
लाल इमली कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि पीएफ भुगतान न किए जाने पर खाता सीज किया गया है। इसके साथ ही पेनाल्टी भी लगाई गई है। पिछले साल मिल के 40 से ज्यादा अफसरों ने मिलीभगत करके 14 साल तक पूरे वेतन पर पीएफ कटवाया था। इस मामले में भी पीएफ विभाग ने कार्रवाई की थी। कर्मचारियों को रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए 20-20 हजार रुपये अग्रिम दिया गया है, जो उनके खाते में पहुंच गया है।