कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी कुख्यात विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया है। विकास दुबे के गिरफ्तार होने के बाद उत्तर प्रदेश एसटीएफ की एक टीम उसके गांव पहुंची। साथ ही एक विशेष फॉरेंसिक टीम भी उसके घर व आसपास के इलाकों में पहुंचकर जांच कर रही है।
वहीं गुरुवार सुबह को विकास के दो और साथी पुलिस एनकाउंटर में मारे गए हैं। फरीदाबाद में विकास दुबे की मदद करने वाला अपराधी प्रभात मिश्रा गुरुवार को पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। आईजी रेंज कानपुर ने बताया कि फरीदाबाद में विकास को छिपने में तीन लोगों ने मदद की थी, जिन्हें कल गिरफ्तार कर लिया गया था। प्रभात भी उनमें से एक था। प्रभात मिश्रा और बऊआ दुबे दोनों पर 50 हजार का इनाम था।
दो आरोपी श्रवण और अंकुर को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था, जबकि कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपी प्रभात उर्फ कार्तिकेय मिश्रा को यूपी पुलिस के हवाले किया जाना था।
इसी के लिए उसे फरीदाबाद से कानपुर लाया जा रहा था। आईजी रेंज कानपुर ने बताया कि प्रभात ने रास्ते में ही पुलिस के चकमा देकर भागने की कोशिश की जिसके कारण उसका एनकाउंटर किया गया।
एनकाउंटर में बऊआ दुबे भी ढेर
वहीं एक अन्य एनकाउंटर में विकास का साथी बऊआ दुबे भी मारा गया है। पुलिस ने इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र में उसका एनकाउंटर किया। बऊआ दुबे अपने तीन अन्य साथियों के साथ एक एक स्विफ्ट डिजायर कार को लूटकर भागने के प्रयास में था।
इसी दौरान कचौरा रोड पर पुलिस ने उन्हें रोका तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई जिसमें बऊआ दुबे मारा गया। हालांकि उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे। बऊआ के पास से पुलिस को पिस्टल मिली है।