बिकरू कांड के कुख्यात विकास दुबे ने अपनी कोठी में कई गुप्त दरवाजे बनवा रखे थे। पांडु नदी पर एक पुल तक बनवा रखा है। सूत्रों के अनुसार घटना के बाद विकास दुबे पांडु नदी के इसी सीक्रेट पुल से भागा और बिकरू गांव के बाहर पुलिस उसका शिवली-सकरवां मार्ग पर इंतजार करती रही।
पांडु नदी पर बनवाए इस पुल से कानपुर नगर के शिवराजपुर विकास खंड, चौबेपुर थाना बिकरू गांव, शिवली नगर पंचायत और पुलिस थाने से सिर्फ आधा किमी दूरी है। दो जुलाई की रात बिकरू गांव में पुलिस टीम पर हमलाकर कुख्यात विकास दुबे गांव के मुख्य रास्ते शिवली-सखरेज मार्ग सहित बिकरू भीटी-कंजती मार्ग, बिकरू-सुज्जानिवादा मार्ग, बिकरू-जिंदपुर मार्ग से न भागकर, पांडु नदी पर स्वयं के बनवाए इस पैदल पुल से भागा।
शिवली पहुंचकर विकास दुबे और उसके गुर्गे दूसरे वाहनों से रफूचक्कर हो गए। यह सीक्रेट रास्ता शिवली कानपुर देहात से होकर बेला मार्ग में मिलता है। घटना की सूचना एसएसपी कानपुर नगर दिनेश कुमार को लगी तो उन्होंने अलर्ट जारी करते हुए फौरन मौके पर पहुंचने के आदेश इंसपेक्टर बिल्हौर संतोष अवस्थी व शहर के अन्य थानाध्यक्षों को दिए थे। इंस्पेक्टर संतोष अवस्थी ने बताया कि उनके पहुंचने पर गांव के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस जवान शिवली-सखरेज मार्ग पर विकास दुबे की घर को जाने वाले मार्ग पर पोजिशन लिए थे। लेकिन सब अपराधी गांव के पीछे से भाग गए।
पैसा सीसी रोड के नाम, बनवाया पैदल पुल
विकास दुबे की हनक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने घिमऊ जिला पंचायत सदस्य व पत्नी रिचा दुबे की निधि से करीब 12 लाख 97 हजार रुपये से बिकरू और जागेश्वर मंदिर शिवली के मध्य पांडु नदी पर एक पुल बनवा रखा है। कुछ दिन पहले ही लोकार्पण पत्थर भी लगवाया है। खास बात यह है कि नदी पर पुल के लिए धन कहां से आया इसकी कोई जानकारी और कोई मानक पुल के आसपास नहीं दर्ज है। जो शिलान्यास पत्थर लगे हैं उनमें सीसी रोड और इंटर लाकिंग रोड का ही जिक्र है।
ग्रामीणों ने लोकार्पण पत्थर तोड़ा
बिकरू कांड के बाद गांव के लोग पुलिस और एसटीएफ के बढ़ते दबाव से परेशान हैं। ग्रामीणों ने विकास दुबे के नाम लिखे पत्थर तोड़ना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने सीएम और पुलिस के अधिकारियों से बेवजह आम गांव वालों को परेशान न करने की गुहार भी लगाई है।