कानपुर आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने कुख्यात बदमाश विकास दुबे पर पचास हजार का इनाम घोषित किया।
बिकरु गांव में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के मामले में थाना अध्यक्ष चौबेपुर विनय तिवारी की भूमिका सन्दिग्ध। एसटीएफ थाना अध्यक्ष विनय तिवारी से पूछताछ कर रही है।
सीएम योगी ने एलान किया है कि शहीद पुलिस कर्मी के परिवारों को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। साथ ही सभी के परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी और पेंशन भी दी जाएगी। जो शहीद हुए हैं उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
सीएम योगी ने कहा कि घायलों का उच्चस्तरीय इलाज हमारी पहली प्राथमिकता। दोषियों की किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेश भर की पुलिस को दोषियों की धरपकड़ में लगाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि बदमाशों के लिए मुखबिरी करने वाले भी बराबर के दोषी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रीजेंसी हॉस्पिटल पहुंचकर वहां हमले में घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। इसके बाद सीएम योगी कानपुर पुलिस लाइन हॉल पहुंचे। यहां उन्होंने शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य रीजेंसी हॉस्पिटल पहुंचे। यहां इन्होंने हमले में घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। योगी आदित्यनाथ ने घायल सिपाही अजय सिंगर के साले आकाश सिंह व बिठूर थाना अध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह के भतीजे एमसी विद्यार्थी से बात की।
परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि यहां पर इलाज में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिन जवानों ने वीरता का परिचय दिया है उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। पुलिस तेजी के साथ अपनी कार्रवाई कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पहुंच चुके हैं। वह सीधे पुलिस लाइन हॉल पहुंचेंगे और पत्रकारों से वार्ता करेंगे। उन्होंने वार्ता का लाइव कवरेज करने के लिए मीडियो को आमंत्रित किया है।
लखनऊ के कृष्णानगर एसीपी दीपक सिंह, कृष्णानगर एसएचओ व मानकनगर, सरोजनीनगर पुलिस ने विकास दुबे के भाई दीप प्रकाश के घर से रिश्तेदार अंजली दुबे और अनु दुबे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। विकास की तलाश में लखनऊ के कई ठिकानों में पुलिस सर्च कर रही है।
डीजीपी ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि यह शातिर बदमाशों की यह कायराना हरकत है। यह हमारे परिवार पर हमला हुआ है। हम घटना की तह तक जाएंगे और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में दबिश देने आए 8 पुलिसकर्मियों की गोलियां मारकर हत्या के आरोपी कुख्यात बदमाश विकास दुबे की तलाश में पुलिस लखनऊ पहुंच चुकी है। यहां कृष्णानगर इंद्रलोक कॉलोनी स्थित उसके रिश्तेदार के घर पर छानबीन की जा रही है।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे कमिश्नर सुधीर एम बोबडे, सीओ स्वरूप नगर अजीत सिंह चौहान से ली जानकारी। इसके बाद शहीदों का सम्मान किया जाएगा। इसके लिए सीएम योगी आदित्यनाथ भी कानपुर पहुंचने वाले हैं।
कानपुर जिले में चौबेपुर बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर से पुलिस मुठभेड़ में आठ पुलिस के जवान शहीद और कई पुलिस कर्मी घायल हो गए हैं। इन घायलों में एक जवान महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के बरवास गांव के रहने वाले शिवमूरत निषाद हैं। शुक्रवार की सुबह मुठभेड़ की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, तो परिवार के साथ पूरा गांव चिंतित हो गया। छोटे भाई के घायल होने की सूचना पर पूरा परिवार रो पड़ा।
कानपुर घटना के बाद विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा अध्यक्ष मायावती समेत कई बड़े नेताओं ने कानपुर एनकाउंटर में मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनकी हत्या करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पहुंचने वाले हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह शहीद हुए पुलिस कर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर देंगे।
कानपुर के आसपास के जिलों की सीमाओं को सील कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे इलाको को घेरने का काम किया जा रहा है जहां विकास दुबे के छिपे होने की आशंका है।
समाजवादी पार्टी ने भी ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोला है। लिखा-'रोगी सरकार' के जंगलराज में 'हत्या प्रदेश' बने उप्र के कानपुर में दबिश के दौरान सत्ता संरक्षित अपराधियों द्वारा हमले में CO समेत 8 पुलिसकर्मि शहीद, अत्यंत दुखद! आत्मा को शांति दे भगवान! शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना!1-1 करोड़ रुपये मुआवजे का हो एलान। सत्ता कनेक्शन का हो पर्दाफाश!
'रोगी सरकार' के जंगलराज में 'हत्या प्रदेश' बने उप्र के कानपुर में दबिश के दौरान सत्ता संरक्षित अपराधियों द्वारा हमले में CO समेत 8 पुलिसकर्मि शहीद, अत्यंत दुखद! आत्मा को शांति दे भगवान! शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना!1-1 करोड़ ₹ मुआवजे का हो ऐलान। सत्ता कनेक्शन का हो पर्दाफाश! pic.twitter.com/tbpncy8ics
— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 3, 2020
बदमाशों को ढूंढने के लिए पुलिस पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है। कानपुर के आसपास के जिलों की सीमाओं को सील कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
कानपुर देहात के थाना शिवराजपुर क्षेत्र में कुख्यात बदमाश विकास दुबे के साथ पुलिस की हुई मुठेभड़ में सीओ सहित 8 पुलिस कर्मचारी शहीद हो गए। उन पुलिस कर्मचारियों में मोदीनगर की देवेंद्रपुरी कॉलोनी निवासी राहुल भी शहीद हो गए।
कानपुर घटना के बाद राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गुंडाराज है। जब पुलिस सुरक्षित नहीं तो जनता कैसे। राहुल ने ट्विट में लिखा- यूपी में गुंडाराज का एक और प्रमाण। जब पुलिस सुरक्षित नहीं, तो जनता कैसे होगी? मेरी शोक संवेदनाएं मारे गए वीर शहीदों के परिवारजनों के साथ हैं और मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को 14 साल पूर्व सहारनपुर पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था। तब मादक पदार्थ बरामद होने पर उसके खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिसकर्मियों का कानपुर में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पांच पुलिसकर्मियों के परिजन पुलिस लाइन पहुंच चुके हैं। पोस्टमार्टम के बाद शहीदों का शव पुलिस लाइन ले जाया जाएगा। तीन बजे तक यूपी डीजीपी एचसी अवस्थी पुलिस लाइन पहुंच जाएंगे। वह लखनऊ से कानपुर के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस लाइन में शहीदों का राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद पुलिस टीम के साथ शहीदों के शव को उनके गृह जनपद के लिए रवाना किया जाएगा।
डीजीपी कानपुर के लिए लखनऊ से रवाना हो गए हैं। तीन बजे तक कानपुर पहुंच जाएंगे। इसके बाद पुलिस लाइन में शहीद हुआ आठ पुलिस कर्मियों को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद डीजीपी कानपुर जा रहे हैं। कानपुर से ग्राउंड जीरो की रिपोर्ट तैयार करने के बाद मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, आईजी एसटीएफ कानपुर में कैंप कर रहे हैं।
कानपुर में पुलिसकर्मियों पर गुरुवार देर रात हुए हमले में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। इस पर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि प्रदेश सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर और चुस्त-दुरुस्त होने की जरूरत है।
कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्याकांड के पीछे मुखबिरी होने की बात सामने आ रही है। सूत्रों की मानें तो हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पहले से ही मालूम हो गया था कि रात में उसके घर दबिश पड़ने वाली है।
यूपी डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी लखनऊ से कानपुर के लिए रवाना हो गए हैं। तीन बजे तक कानपुर पहुंच जाएंगे। इसके बाद पुलिस लाइन में शहीद हुए आठ पुलिस कर्मियों को राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी जाएगी।
कानपुर एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी है। साथ ही यूपी की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। अखिलेश यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है। शुक्रवार को अखिलेश यादव ने लिखा- कानपुर की दुखद घटना में पुलिस के 8 वीरों की शहादत को श्रद्धांजलि!, उप्र के आपराधिक जगत की इस सबसे शर्मनाक घटना में ‘सत्ताधारियों और अपराधियों ‘की मिलीभगत का ख़ामियाज़ा कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ा है। अपराधियों को जिंदा पकड़कर वर्तमान सत्ता का भंडाफोड़ होना चाहिए। उप्र की भाजपा सरकार अपनी पोलपट्टी खुलने के डर से आनन-फ़ानन में मुख्य अपराधी को न पकड़कर छोटी-मोटी मुठभेड़ दिखाने का नाटक करवा रही है। इससे पुलिसकर्मियों का मनोबल और गिरेगा तथा पुलिस का आक्रोश भी बढ़ेगा सरकार तुरंत मुआवजा घोषित करे व परिजनों को हर संभव संरक्षण दे, निंदनीय!
कानपुर एनकाउंटर के बाद आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और डीआईजी एसटीएफ अनंत देव मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।
बदमाशों से मठभेड़ में शहीद हुए मथुरा जिले के सिपाही जितेंद्र पाल सिंह के परिवार में गम और गुस्से का माहौल है। गांव बरारी निवासी जितेंद्र 2018 में पुलिस में भर्ती हुए थे। उनकी उम्र करीब 26 साल थी। सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे पिता तीर्थपाल सिंह को फोन पर बेटे के शहीद होने की जानकारी मिली। जितेंद्र तीन भाइयों सबसे बड़े थे।
कानपुर एनकाउंटर में शहीद हुए सिपाही बबलू कुमार आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र के रहने वाले थे। सिपाही बबलू की शहादत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बबलू कुमार 2018 में पुलिस में भर्ती हुए थे। परिजनों के अनुसार चार भाइयों में बबलू तीसरे नंबर के थे। वो अविवाहित थे। उनका परिजन कानपुर रवाना हो गए हैं। इधर, उनके घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का ताता लगा हुआ है।
कानपुर मुठभेड़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिए हैं कि सभी आला अधिकारी जब तक ऑपरेशन विकास दुबे ख़त्म ना हो जाए तब तक घटनास्थल पर ही कैंप करें। मुख्यमंत्री ने DGP को निर्देश दिया है कि घटना को अंतिम अंजाम तक पहुंचाकर ही लखनऊ लौटे।
कानपुर एनकाउंटर में शहीद सीओ के पैतृक गांव सहेवा जिला बांदा में उनके घर स्थानीय पुलिस की टुकड़ी सांत्वना जताने पहुंची है। घर में सिर्फ शहीद सीओ के चचिया ससुर मौजूद हैं। अन्य परिजन कानपुर में हैं।
राज्य की कानून व्यवस्था को हिला कर रख देने वाली कानपुर की घटना में हो रही कार्रवाई पर पल-पल की नजर रखी जा रही है। पुलिस मुख्यालय में तीन अधिकारीयों व अन्य को रिपोर्ट लेने को लगाया गया है। डीजीपी भी लगातार कानपुर गे एदीजी लॉ ऐण्ड ऑर्डर व आईजी एसटीएफ से जानकारी ले रहे हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी व डीजीपी सारी सूचना मुख्यमंत्री को देंगे।
घटना में एसओ कौशलेंद्र, दरोगा प्रभाकर पांडेय, सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, शिवमूरत, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत की हालत गंभीर है।
विकास कुछ वर्ष विधायक के चुनाव में भी यहां डेरा डाले रहा था। इसके चलते उसके जनपद में आकर शरण लेने की आशंका है। फर्रुखाबाद जिले में हाई अलर्ट कर दिया गया है। जनपद की सभी सीमाओं पर फोर्स तैनात किया गया है। काली नदी पुल पर भी फोर्स तैनात है।
कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के तार फर्रुखाबाद जिले से जुड़े हैं। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव गदनपुर तुर्रा में विकास दुबे की रिश्तेदारी है।
कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के तार फर्रुखाबाद जिले से जुड़े हैं। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव गदनपुर तुर्रा में विकास दुबे की रिश्तेदारी है।
पुलिस के भी असलहे गायब मिले हैं। जिनमे एक एके 47, दो पिस्टल और एक इंसास राइफल शामिल है।
घटना की जांच करने पहुंचे एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। जांच में पुलिस को मौके से एके 47 के खोखे मिले है।
कानपुर एनकाउंटर की घटना के बाद बॉर्डर का नजदीकी जिले उन्नाव को भी हाई अलर्ट किया गया है। एसपी रोहन पी कनय के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों में रात से ही पुलिसकर्मियों ने असलहों से लैस होकर वाहन चेकिंग शुरू की। पुलिस को आशंका है कि बदमाश भागने या छिपने के लिए उन्नाव की शरण ले सकते हैं। सर्वाधिक अलर्ट सफीपुर, माखी फतेहपुर चौरासी, बांगरमऊ, सदर कोतवाली व गांगाघाट के अलावा हाईवे के थानों में है।
राज्य की कानून व्यवस्था को हिलाकर रख देने वाले कानपुर एनकाउंटर में हो रही कार्रवाई पर पल-पल की नजर रखी जा रही है। पुलिस मुख्यालय में तीन अधिकारीयों व अन्य को रिपोर्ट लेने के लिए लगाया गया है। डीजीपी भी लगातार कानपुर के एडीजी लॉ एंंड ऑर्डर व आईजी एसटीएफ से जानकारी ले रहे हैं। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी व डीजीपी सारी सूचना मुख्यमंत्री को देंगे।
कानपुर घटना में एसटीएफ और पुलिस की दस टीमें का गठन किया है। यूपी पुलिस के किसी भी आपरेशन में इससे पहले इतने पुलिस कर्मियों की हत्या नहीं हुई है। मुख्य आरोपी विकास दुबे और उसके साथियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की सात व एसटीएफ की तीन टीमें गठित की गई हैं।
कानपुर में कुख्यात बदमाश विकास दुबे के साथ पुलिस की हुई मुठभेड़ में सीओ सहित 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। उन पुलिस कर्मचारियों में गाजियाबाद जिले के मोदीनगर की देवेंद्रपुरी कॉलोनी के रहने वाले राहुल भी शहीद हुए हैं।
कुख्यात हिस्ट्रीशटर विकास दुबे के खिलाफ 60 मुकदमे दर्ज हैं। विकास वही है, जिसने 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार की रात बदमाशों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए आठ पुलिसकर्मियों में से दो सिपाही आगरा मंडल के रहने वाले हैं। इनमें सिपाही बबलू कुमार आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र और जितेंद्र मथुरा जिले के रहने वाले थे। शुक्रवार की सुबह जब सिपाहियों की शहादत की खबर मिली तो उनके परिवारों में कोहराम मच गया। दोनों के परिजन कानपुर रवाना हो गए हैं। गांवों में गम और गुस्से का माहौल है।
प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि ''बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें यूपी पुलिस के सीओ, एसओ सहित 8 जवान शहीद हो गए। यूपी पुलिस के इन शहीदों के परिजनों के साथ मेरी शोक संवेदनाएं। यूपी में कानून व्यवस्था बेहद बिगड़ चुकी है, अपराधी बेखौफ हैं।''
वहीं, शुक्रवार सुबह एक बार फिर से पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का मामा प्रेम प्रकाश पाण्डेय और उसका साथी अतुल दुबे पुलिस से मुठभेड़ में ढेर हो गया। दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर की इस घटना में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति शोक और अपनी संवेदना व्यक्त की है। सीएम योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की है और साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने पूरे मामले की रिपोर्ट भी मांगी है।
क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा
थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव
चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह
सब इंस्पेक्टर नेबू लाल
सिपाही सुल्तान सिंह
सिपाही राहुल
सिपाही बबलू
सिपाही जितेंद्र
मौके पर मौजूद एसओ बिठूर के हमराही (सिपाही) विकास बघेल ने रोते हुए बताया कि जैसे ही पुलिस की जीप गांव पहुंची और सभी पुलिसकर्मी गाड़ी से उतरे वैसे ही दो मंजिला मकान की छत पर हथियारों से लैस 50 लोगों ने हमला कर दिया। पुलिसकर्मी संभल भी नहीं पाए। सबसे पहले गोली शिवराजपुर एसओ महेश यादव को लगी। उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला और वो खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। जिसके बाद गोली और बम की बौछार होने लगी।
कानपुर में देर रात शातिर बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। कई पुलिसकर्मी घायल भी हैं। कई सिपाहियों को बेहद गंभीर हालत में रीजेंसी भर्ती कराया गया है। पुलिस के आलाधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। एडीजी जय नारायण सिंह ने घटना की पुष्टि की है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया।
घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। आपको बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं। हमले में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। कई पुलिसकर्मी घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।