कानपुर में केस्को और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने बिना पूर्व सूचना या सहमति के 10.36 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली भार खुद बढ़ा दिया है। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है क्योंकि उन्हें बढ़े हुए भार के साथ जुर्माना भी देना पड़ रहा है। विनायकपुर निवासी सरकारी अध्यापक महेंद्र प्रताप के तीन किलोवाट कनेक्शन का भार मई में अधिक खपत के कारण चार किलोवाट हो गया। अब उन्हें जुर्माने के साथ बिल भेजा गया है। यह समस्या अकेले महेंद्र प्रताप की नहीं है।
बल्कि केस्को के 1.06 लाख और दक्षिणांचल के 9.60 लाख उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रही है। केस्को के मीडिया प्रभारी देवेंद्र वर्मा ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता का विद्युत भार एक वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन बार स्वीकृत सीमा से अधिक दर्ज होता है, तो बिजली कंपनी उन अवसरों में सबसे कम दर्ज अधिकतम भार को ही नया स्वीकृत भार मान लेती है। यह नया भार वित्तीय वर्ष के पहले बिल से खुद लागू हो जाता है। यदि उपभोक्ता स्वयं भार बढ़ाने के लिए आवेदन करता है, तो उसकी मांग के अनुसार नया स्वीकृत भार मंजूर किया जाता है।