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Kanpur: 11 दिन में दीनू उपाध्याय पर आठवीं रिपोर्ट दर्ज, चैंबर में बंधक बना पीटने और रंगदारी मांगने का आरोप

Thu, 22 May 2025 04:49 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर दीनू समेत 14 नामजद और अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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वकील दीनू उपाध्याय - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में पिंटू सेंगर हत्याकांड में जेल में बंद अधिवक्ता दीनू उपाध्याय की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को बर्रा हरी मस्जिद निवासी कासिम रजा ने दीनू समेत 14 के खिलाफ फर्जी दस्तावेज के सहारे सरकारी जमीन बेचने, बंधक बना रंगदारी मांगने समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कासिम रजा ने बताया कि उनकी मुलाकात 2010 में भूमाफिया रामप्रताप सिंह, उसके भाई राजा सिंह व दामाद अधिवक्ता अरिदमन सिंह से हुई थी।

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आरोपियों ने बुढ़पुर मछरिया स्थित भतीजे गोपाल सिंह की जमीन बेचने की बात कही। इसकी कीमत चार लाख रुपये बताई गई थी। उन्होंने सौदा तय होने पर 2011 में रुपये देकर रजिस्ट्री करा ली। वर्ष 2012 में उन्हें पता चला कि वह जमीन राज्य सरकार की है। जब उन्होंने विरोध किया तो शातिरों ने उन्हें वादी बना आवास विकास परिषद के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज करा दिया।

छोड़ने के बदले मांगी तीन लाख की रंगदारी
इसकी डिग्री भी उनके पक्ष में हो गई।  शातिरों ने साथी सपा नेता अजमेरी सिद्दीकी, अबकार अहमद उर्फ अफसार, महफूज अहमद, वैश अहमद व रसूल अहमद ने जमीन को उनके पक्ष में बैनामा न करते हुए उसको कई टुकड़ों में बेच दिया। विरोध पर उन्हें व उनके साले अंसार अहमद को अधिवक्ता अरिदमन सिंह के चैंबर में बंधक बनाकर पीटा। छोड़ने के बदले तीन लाख रुपये की रंगदारी मांगी।
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रंगदारी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज
जैसे तैसे वह एक लाख रुपये लेकर चैंबर पहुंचे तो शातिरों ने उनके रुपये छीन लिए। फिर सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर दो लाख रुपये की मांग की। थाने में सुनवाई न होने पर उन्होंने पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर दीनू समेत 14 नामजद और अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी, गाली गलौज, रंगदारी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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