राज्यांश मद से पांच गुना राशि प्रोत्साहन स्वरूप मिलेगी
सरकार ने ऐसी ग्राम पंचायतों को समस्या से उबारने के लिए पंचायत प्रतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन योजना शुरू की है। सरकार ने तय किया है कि यदि पंचायतें जनसेवा केंद्र शुल्क, कूड़ा संग्रहण, तालाब पट्टा, दुकान किराया, जल शुल्क आदि से आय अर्जित करेंगी] तो उन्हें पिछली साल की अर्जित आय की पांच गुना राशि प्रोत्साहन स्वरूप राज्यांश मद से दी जाएगी।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में होगा परीक्षण
डीएम की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। समिति जांच करके तय करेगी कि किस ग्राम पंचायत ने कितनी आमदनी की है। उसी आधार पर प्रोत्साहन राशि तय होगी। इस धन का उपयोग ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर योजना जनरेट कर विकास कार्यों पर हो सकेगा।
मानदेय नहीं, विकास कार्यों में खर्च होगा धन
सरकार ने स्पष्ट किया गया है कि प्रोत्साहन राशि का उपयोग ग्राम प्रधान या अन्य किसी के मानदेय में खर्च नहीं होगा। यह राशि विकास, अनुरक्षण और पेयजल, स्वच्छता, ओडीएफ प्लस जैसे कार्यों में उपयोग होगी। ओएसआर की निगरानी और पारदर्शिता के लिए विशेष पोर्टल और एप बनाया जाएगा, जो पंचायतों के खातों से लिंक रहेगा। इसकी देखरेख राज्य स्तर से होगी। राज्य सरकार की इस पहल से कम आबादी वाली पंचायतें स्वावलंबी बन सकेंगी। इनकी आय में वृद्धि होगी। सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी।
1500 से कम आबादी वाली ग्राम पंचायतों के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। जिलाधिकारी की टीम सर्वे कर कमाई करने वाली पंचायतों का चयन करेगी। इसके बाद उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। -मनोज कुमार, डीपीआरओ