इसी लोको ग्राउंड में हुई थी पति पत्नी की हत्या
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कानपुर में लॉकडाउन में पुलिस के पहरे के बावजूद रेलवे का रामलीला मैदान नशेबाजी का ठिकाना बना हुआ है। यूपी-112 की गाड़ियां भी यहां खड़ी होती हैं, इसके बाद भी देर रात तक यहां नशेबाजों का जमावड़ा लगा रहता है। रविवार देर रात जहां दंपति की हत्या हुई, वहां से थाना महज 200 से 250 मीटर दूरी पर है।
एसपी ट्रैफिक का दफ्तर, ट्रैफिक लाइन और पीएसी के अफसरों का आवास भी पास में ही है। रामलीला मैदान पर होने वाली नशेबाजी की जानकारी पुलिस को भी है, इसके बाद भी रेल बाजार थाना पुलिस कार्रवाई नहीं करती। पुलिस की गाड़ी खड़ी रहती है और नशेबाजी चलती रहती है।
शनिवार और रविवार को लॉकडाउन रहता है। पुलिस रातभर दौरे पर रहती है, इसके बाद भी दंपति की हत्या कर आरोपी आराम से निकल जाते हैं। विष्णु को खुले मैदान में मारा गया। चीख पुकार भी मची होगी लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
ठेकेदार ने दिलाया था कमरा
पुलिस के मुताबिक रेलवे ग्राउंड पूरा खाली रहता है। विष्णु ही सीढ़ियों के नीचे बने दो कमरों में कई साल से रह रहा था। जांच में पता चला है कि एक ठेकेदार ने विष्णु को वहां पर ठहराया था। तब ठेकेदार के साथ विष्णु ने पेंटिंग का काम किया था। पैसों की दिक्कत और लव मैरिज करने के चक्कर में उसे बाहर रहना था। इसलिए ठेकेदार ने मदद के तौर पर उसको यहां रुकवाया था।