कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में कर-करेत्तर राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक में सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने जनवरी माह में लक्ष्य से कम वसूली पर आबकारी विभाग की 73वीं रैंक आने पर अधिकारी को फटकार लगाई। आईजीआरएस में जिले की रैंकिंग में डी ग्रेड मिलने पर अपर जिलाधिकारी नगर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी बेहतर प्रदर्शन करें अन्यथा जिला छोड़ने के लिए तैयार हो जाएं। जिले में रहना है तो अच्छा कार्य करना होगा।
बैठक में जिलाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर रेखा सचान से औषधि विक्रय लाइसेंस, संकलित नमूने एवं की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी तो वह बता नहीं पायीं। उन्होंने मंडलीय सहायक आयुक्त द्वारा कार्रवाई करने की बात कही। इस पर डीएम नाराज हो गए। उन्होंने ड्रग इंस्पेक्टर को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही अगली बैठकों में मंडलीय सहायक आयुक्त को प्रतिभाग करने के निर्देश दिए। बैठक से उपनिदेशक मंडी अनुपस्थित रहे। इस पर मंडी सचिव को फटकारा। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से निस्तारित करने के लिए कहा। अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व को जनपद की राजस्व वसूली में रैंकिंग खराब करने वाले विभागों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि प्रत्येक सप्ताह वसूली की बैठक करें। वसूली प्रमाण-पत्र की समीक्षा करते हुए कहा कि किन्हीं कारणों से तहसीलों द्वारा वापस की गई आरसी को पोर्टल से डिलीट कर सही करें, जो विभाग अपने लक्ष्य से पीछे हैं उन्हें सुधार लें। जिस अधिकारी की लापरवाही मिलेगी उसके खिलाफ सीधी कार्रवाई होगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व, समस्त उप जिलाधिकारी आदि उपस्थित रहे।