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Kanpur: डीएम ने पतारा सीएचसी का किया निरीक्षण…सात कर्मी मिले गैरहाजिर, गोशाला पशुओं के सामने मिला सूखा भूसा

Fri, 02 May 2025 04:48 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: डीएम के निरीक्षण में जानकारी मिली कि चिकित्साधीक्षक ओपीडी में मरीजों को स्वयं नहीं देखते हैं। डीएम ने इस लापरवाही के बारे में उनसे पूछा तो वह संचारी रोग नियंत्रण अभियान व अन्य व्यवस्थाओं में व्यस्त होने का हवाला देकर बहाने बनाते रहे।
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पतारा सीएचसी में मरीजों से जानकारी करते डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सीएचसी पतारा का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर उन्होंने चिकित्साधीक्षक समेत आठ कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।

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डीएम ने कर्मचारियों से एम्बुलेंस व औषधि वितरण केंद्र खुलने और दवा वितरण की जानकारी की। इस पर उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
एक्सरे टेक्नीशियन अमन वर्मा ड्यूटी से नदारद मिले, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में उनके हस्ताक्षर थे। इसकी जानकारी चिकित्साधीक्षक को भी नहीं थी। निरीक्षण में उन्होंने पाया कि अप्रैल में मात्र 60 एक्सरे किए गए हैं। चिकित्साधीक्षक अभिषेक कटिहार ओपीडी रजिस्टर स्वयं न भरकर अन्य कर्मचारियों से भरवाते हैं। अनुपस्थित सात कर्मियों की छुट्टी अंकित नहीं की गई थी, जबकि चिकित्साअधीक्षक द्वारा रजिस्टर को देखा भी गया था।

बरनाव गांव की गोशाला में गोवंशों का चारा देखते डीएम - फोटो : amar ujala
आठ लापरवाह कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोका
अप्रैल में मात्र सात ओपीडी चिकित्साधीक्षक द्वारा की गई। निरीक्षण में जानकारी मिली कि चिकित्साधीक्षक ओपीडी में मरीजों को स्वयं नहीं देखते हैं। डीएम ने इस लापरवाही के बारे में उनसे पूछा तो वह संचारी रोग नियंत्रण अभियान व अन्य व्यवस्थाओं में व्यस्त होने का हवाला देकर बहाने बनाते रहे। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। चिकित्साधीक्षक समेत आठ लापरवाह कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए।

जानकारी करते डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : amar ujala
गोशाला पशुओं के सामने मिला सूखा भूसा
पतारा सीएचसी के बाद डीएम बरनाव गांव की गोशाला पहुंचे। मुख्य मार्ग से गोशाला जाने वाला मार्ग खस्ताहाल मिला। निरीक्षण में पशुओं को हरा चारा के बजाय सूखा चारा दिया जाना पाया गया और चारे में चूनी -चोकर की मात्रा कम मिली। सूखे चारे में पानी की कमी भी पाई गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई।
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डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह - फोटो : amar ujala
पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रहीं
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व संबंधित खंड विकास अधिकारी को गोशाला की अन्य कमियों की पड़ताल कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी करने व अन्य संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। कहा कि शासन से प्रतिदिन प्रति पशु 50 रुपये व्यय करने का प्रावधान है, तब भी उन्हें पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
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