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Divyansh Murder: ‘वैदिक स्कूल या कत्लगाह’? सिगरेट से दागा और डंडों से पीटा, शरीर पर मिले 45 निशान, उठा ये सवाल

Thu, 23 Apr 2026 05:00 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: लखनऊ के गुरुकुल में पढ़ने गए 11 वर्षीय मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी गई। संचालक शव को घर के बाहर फेंककर भाग निकला। मासूम के शरीर पर पिटाई और सिगरेट से दागने के 45 निशान मिले हैं। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
 
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Kanpur Divyansh Murder Case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में महाराजपुर के 11 वर्षीय छात्र दिव्यांश की निर्मम हत्या कर उसका शव घर के बाहर फेंक गए। परिजन उसे सात दिन पहले लखनऊ के स्कूल में रहकर पढ़ाई करने के लिए छोड़कर आए थे। उसका शव स्कूल संचालक कार से लेकर आया था। हाथ, पैर बांधने और डंडे से पीटने के बच्चे के शरीर पर 40 से 45 निशान मिले हैं। घरवालों ने सिगरेट से दागने का आरोप लगाया है।

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पिता नरेंद्र द्विवेदी की तहरीर पर स्कूल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा और चालक पर हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर हुई है। महाराजपुर के गैरिया गांव निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी के मुताबिक वह निजी फैक्टरी में कार्य करते हैं। उन्हें एक रिश्तेदार ने लखनऊ के आलमनगर स्थित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल की जानकारी दी।

घरवालों की रोजाना बेटे से बात हो रही थी
कहा कि यहां वैदिक शिक्षा निशुल्क दी जाती है।  इस पर 15 अप्रैल को गुरुकुल में दाखिला करा दिया। घरवालों की बेटे से रोजाना बात हो रही थी। मंगलवार की सुबह भी बेटी ने उससे बात की थी। बुधवार की सुबह अचानक एक रिश्तेदार की कॉल आई, जिसमें उन्होंने बताया कि दिव्यांश सीढि़यों से नीचे गिर गया है। उसको गंभीर चोटें आ गई हैं। सभी लोग लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे थे।

Kanpur Divyansh Murder Case - फोटो : amar ujala

घर से थोड़ी दूरी पर शव छोड़कर भाग निकले
नरेंद्र द्विवेदी का आरोप है कि इसी दाैरान सुबह लगभग साढ़े नौ बजे गुरुकुल संचालक कन्हैया मिश्रा कार से बेटे का शव लेकर आए और घर से थोड़ी दूरी पर छोड़कर भाग निकले।  उन्होंने बेटे को देखा तो उनके होश उड़ गए। उसके शरीर पर जगह-जगह चोटों के निशान थे। घरवाले और ग्रामीणों ने भी घटना को लेकर नाराजगी जताई। पुलिस को सूचना दी गई।

आरोपियों की चल रही है तलाश
एसीपी अभिषेक पांडेय और महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश सिंह ने जांच की। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य लिए। दिव्यांश के घरवालों ने उसके साथ गलत होने की आशंका भी जताई है। थाना प्रभारी ने बताया कि पिता की तहरीर पर स्कूल संचालक कन्हैया लाल मिश्रा और अज्ञात कार चालक के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की तलाश चल रही है।

Kanpur Divyansh Murder Case - फोटो : amar ujala

महाराजपुर का 11 वर्षीय बालक लखनऊ के गुरुकुल स्कूल में पढ़ने गया था। स्कूल संचालक उसका शव घर के बाहर छोड़कर गए हैं। बच्चे के शव पर कई चोटों के निशान मिले हैं। पिता की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई है। आरोपियों की तलाश जारी है।  -सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी पूर्वी

मासूम की हत्या से दिलों में गुस्सा
11 वर्षीय दिव्यांश की हत्या के बाद गैरिया गांव में भले ही सन्नाटा है लेकिन लोगों के दिलों में गुस्सा भरा हुआ है। वह पुलिस और अन्य अधिकारियों से हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सुबह 10 बजे से आसपास जैसे ही नरेंद्र द्विवेदी के बेटे दिव्यांश की हत्या की सूचना हुई। गांव के लोग एकत्रित हो गए।

Kanpur Divyansh Murder Case - फोटो : amar ujala
महिलाओं ने जमकर खरी खोटी सुनाई
उन्हाेंने परिवार को न सिर्फ ढांढस बांधा बल्कि लखनऊ स्थित गुरुकुल स्कूल के संचालक के कृत्य पर भर्तसना की। महिलाओं ने जमकर खरी खोटी सुनाई। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता, एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा, एसीपी चकेरी अभिषेक पांडेय ने गांव का जायजा लिया। एसीपी चकेरी अभिषेक पांडेय ने बताया कि किसी तरह से गांव में लॉ एंड ऑर्डर की कोई समस्या नहीं है। पुलिस को अलर्ट रहने के लिए निर्देशित किया गया है।

वैदिक मंत्रों का जानकार, पढ़ाई में था होनहार
परिजन और गांव के लोगों का कहना है कि दिव्यांश पढ़ाई में होनहार होने के साथ वैदिक मंत्रों का जानकार था। उसे कई श्लोक, चौपाई, मंत्रोच्चार कंठस्थ थे। बड़ी बहन दीपिका भी सदमे में है। वह रोते हुए बस यही कह रही थी कि भाई को हंसता, मुस्कुराता और खुशी की हालत में छोड़कर आई थी। ऐसा क्या हो गया जिससे उसका भाई हमेशा के लिए साथ छोड़कर चला गया।

क्या पता था बेटा इतनी दूर चला जाएगा
बेटे का शव देखकर नरेंद्र द्विवेदी फूट फूटकर रोए। उन्होंने कहा कि जिंदगी में जो सपने देखे थे सब बिखर गए। एक ही बेटा था। वह बुढ़ापे की लाठी थी, जो किसी ने तोड़ दी। अच्छी और निशुल्क शिक्षा के लिए बेटे को अपनों से दूर रखा, क्या पता था कि वह इतना दूर हो जाएगा कि कभी भी हम लोगों से मिल नहीं पाएगा। विधाता को कुछ और ही मंजूर था घर का इकलौता चिराग छीन लिया।

बच्चे के हाथ पैर बांधकर दी गई यातनाएं
दिव्यांश के चाचा जितेंद्र द्विवेदी का कहना है कि उसके हाथ पैर बांधकर यातनाएं दी गई हैं। उसके शरीर पर जगह जगह चोटों के निशान मिले हैं। हाथ और पैर को रस्सी से बांधने की आशंका है। पुलिस ने भी इसकी जांच की है। बच्चे को अगर कोई दिक्कत थी तो वह बड़ी बहन को जरूर बताता। उसकी रात में ही अपनी बहन से बातचीत हुई थी।
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डॉक्टरों से कराया जाएगा पैनल
एसीपी चकेरी ने बताया कि डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसकी वीडियोग्राफी भी होगी। हत्यारोपियों की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं। यह लखनऊ, फतेहपुर और बाराबंकी में दबिश दे रही हैं। आरोपियों के रिश्तेदारों को उठाया गया है।
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