कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
प्रश्न: सनातन बोर्ड की देश में क्यों जरूरत है।
- बोर्ड के जरिए मंदिरों में आने वाले धन का उपयोग आधुनिक गुरुकुलम और गोशाला बनाने में होगा। गुरुकुलम में हमारे बच्चे संस्कारवान बनेंगे। गोशाला में गोवंश एक जगह रह सकेंगे और सड़कों पर नहीं भटकेंगे। उनकी उचित देखभाल होगी। सनातन बोर्ड के जरिए मंदिरों में आने वाले धन से अस्पताल बन सकेंगे जहां गरीबों की सेवा हो सकेगी।
प्रश्न: धर्म परिवर्तन कैसे रुकेगा।
- जो गरीबी की वजह से धर्म परिवर्तन करते हैं उन्हें सिर्फ सनातन बोर्ड के गठन से ही रोका जा सकेगा। इस बोर्ड से ऐसी व्यवस्था होगी जिससे गरीब सनातनियों की मदद हो सके।
प्रश्न: आज जाति और धर्म की राजनीति होती है, ऐसा क्यों, यह कैसे रुकेगा।
- प्रधानमंत्री कौन है, राष्ट्रपति कौन है, यह लोग ब्राह्मण नहीं हैंं। इस बोर्ड में कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं होना चाहिए क्योंकि नेता वोट बैंक के लिए धर्म और जाति की राजनीति करते हैं। बोर्ड में चारों शंकराचार्य, पीठों के पीठाधीश्वर होंगे। मंदिरों के धन के व्यय को लेकर नियमावली भी होनी चाहिए।
प्रश्न: सनातन का विरोध क्यों हो रहा है।
- जो लोग एमएलए और एमपी बनना चाहते हैं वह अपनी जाति का सहारा लेकर बनते हैं। वहीं लोग हमारे समाज को बांट रहे हैं। उनकी दृष्टि में सनातन उन लोगों का नहीं है लेकिन जो सनातन को समझते हैं वह जानते हैं कि सनातन से ही देश का उद्धार और विकास होगा।
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर
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