कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में खेल के बीच हैलट अस्पताल की एक और लापरवाही का खुलासा हुआ है। यहां भर्ती रहे 250 कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज का ब्योरा यानी बीएचटी (बेड हेड टिकट) गुम हो गया है। इससे मरीज और उसके इलाज के संबंध में कुछ पता ही नहीं चलेगा। यह भी साबित नहीं हो पाएगा कि मरीज हैलट में भर्ती रहा या नहीं?
इनमें से कुछ ऐसे भी हो सकते हैं, जिनकी मौत हो गई। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज का ब्योरा गुम होने का यह मामला अभी तक किसी संज्ञान में नहीं था। नए प्राचार्य डॉ. संजय काला ने जब जांच- पड़ताल शुरू की और रोगियों की जानकारी ली तो इसका पर्दाफाश हुआ। हालांकि, इन रोगियों का डाटा स्टेट कोविड पोर्टल पर दर्ज है।
लेकिन, इनके संबंध में शासन से कोई जानकारी मांगी जाएगी तो हैलट प्रबंधन कुछ भी नहीं बता पाएगा। साथ ही बीएचटी न होने से रोगियों और उनके परिजनों को भी तकलीफ का सामना करना पड़ेगा। किसी योजना का लाभ लेना होगा तो उनके अस्पताल में भर्ती होने का कोई सुबूत नहीं मिलेगा। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि तीन सौ बीएचटी का पता नहीं था, लेकिन 50 मिल गई हैं।