रसूलाबाद की बदहाल इटैली झील व कब्जा कर बने मकान।
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कानपुर देहात। रसूलाबाद की इटैली झील पर लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं। इस कारण यहां प्रवासी पक्षियों ने आना बंद कर दिया है। रसूलाबाद विधायक निर्मला संखवार ने विधानसभा में शुक्रवार को इटैली झील पर अवैध कब्जों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सितंबर में प्रशासन को अवगत कराया था, लेकिन उन्हें कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई। अवैध कब्जों से झील की दशा दयनीय हो गई है। विधानसभा में मामला उठने से प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप है।
तालाब या झील में पानी का भंडार रहता है। इससे भूजल रिचार्ज होता है। रसूलाबाद तहसील स्थिति इटैली झील पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। इससे झील के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। हालात ये हैं कि जिम्मेदारों की अनदेखी से अवैध कब्जे कर पक्के निर्माण भी हो रहे हैं। राजस्व विभाग के अनुसार मनावां, इटैली, मकरंदपुर, भगवंतपुर व मालका पुरवा गांव तक झील लगभग एक हजार बीघा से अधिक भूभाग में फैली है। मौजूदा समय में तीन से चार सौ बीघा भूमि पर कब्जा हो गया है।
मकरंदपुर के लालता प्रसाद मिश्रा कहते हैं कि इटैली झील पर अवैध कब्जे रोकने के लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए। कई वर्ष से यहां प्रवासी पक्षी नहीं दिखते हैं। मनावां के ओमप्रकाश तिवारी ने कहा कि विशाल झील का दायरा कब्जों से सिकुड़ रहा है। मनावां की रिंकी तिवारी का कहना है कि कुछ वर्ष पहले यहां विदेशी पक्षी सर्दी की शुरुआत में ही दिखने लगते थे। नजारा बेहद सुंदर होता था। अब यहां विदेशी पक्षी नहीं आते हैं। इटैली के उमेश चंद्र ने कहा कि अवैध कब्जों की शिकायत की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कारगर कदम नहीं उठाया गया। इसकी वजह से अवैध कब्जे और बढ़ गए हैं।
विधायक निर्मला संखवार ने बताया कि इटैली झील में लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं। भगवंतपुर में काफी भूभाग पर अवैध कब्जा हो गया है। सितंबर 2019 में डीएम से शिकायत की थी। इसके बाद प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी। विधानसभा में प्रश्न उठाया है ताकि झील अवैध कब्जा मुक्त हो सके।
एडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि विधानसभा में इटैली झील की भूमि पर अवैध कब्जों के प्रश्न पर एसडीएम रसूलाबाद से जवाब लिया जा रहा है। झील की भूमि पर अवैध कब्जे नहीं होने दिए जाएंगे।