सेंगुर नदी पार कर भुंडा गांव राशन लेने पहुंचे भरतौली के लोग। संवाद
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पुखरायां। विकास खंड मलासा के भरतौली गांव के करीब 1200 आबादी को राशन लेने के लिए सेंगुर नदी पार कर भुंडा गांव जाना पड़ता है। इस समय नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इससे बड़े हादसे का खतरा सताता रहता है। ग्रामीणों के अनुसार अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
भरतौली के मुन्ना, भगवानदीन, लालसिंह, मानसिंह, घनश्याम सहित ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामपंचायत के नाम से सेंगुर नदी के उस पार मजरा भुंडा में सरकारी राशन की दुकान है। जहां राशन लेने के लिए नदी को पार कर जाना पड़ता है।
दूरी भी दो किलोमीटर से अधिक है। इस समय यमुना में पानी बढ़ने से सेंगुर नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। इससे हादसा होने का डर बना रहता है। अधिकारियों से फरियाद करने पर भी अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। नदी में राशन भीग न जाए इसलिए प्लास्टिक के टब में बोरी रखने के बाद सिर में रखकर लाना पड़ता है।
नदी न करें पार तो 20 किमी लगाना होगा चक्कर
ग्रामपंचायत भरतौली में चार मजरे हैं। इसमें भरतौली ठकुरान, भरतौली निषाद गांव सेंगुर नदी के एक ओर व दूसरी तरफ भुंडा, चतुरीपुरवा और रसूलपुर गांव हैं। राशन कोटा भुंडा निवासी शांतिदेवी के नाम है। दोनों गांवों के लोग अगर नदी पार किए बिना भुंडा गांव जाना चाहें तो उन्हें 20 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है।
इस दूरी से बचने के लिए लोग नदी पार करना ज्यादा सही समझते हैं। जिलाधिकारी नेहा जैन ने बताया कि जिलापूर्ति निरीक्षक को जांच कर ब्योरा सहित रिपोर्ट देने को कहा गया है। प्रधान की ओर से दूसरी दुकान का भी प्रस्ताव किया जा सकता है। इसकी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।