शिवली। मारग मैथा गांव में बुधवार को बुखार से एक और युवक की मौत हो गई। युवक का कानपुर में इलाज चल रहा था। इससे पहले गांव निवासी महिला की मौत हुई थी। ब्लॉक में अब तक तीन लोगों की बुखार से जान जा चुकी है।
उधर, गांव के छह लोगों के रक्त का सैंपल लेकर डेंगू जांच के लिए मेडिकल कॉलेज कानपुर भेजा गया था। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में 11 लोगों की मलेरिया जांच कराई पर कोई संक्रमित नहीं मिला। इसके साथ ही बुखार पीड़ित लोगों की जांच कर दवा दी गई।
मारग मैथा गांव निवासी संदीप ने बताया कि तीन दिनों से छोटे भाई प्रदीप तिवारी (46) को तेज बुखार आ रहा था। इस पर कानपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार कराया जा था। बुधवार की दोपहर प्रदीप की मौत हो गई।
इससे पहले इसी गांव की बबली (45) की भी बुखार से मौत हो चुकी है। मैथा पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि प्रदीप की मौत की जानकारी मिली है। शाम को परिजन कानपुर से शव घर लाए हैं।
गुरुवार को टीम गांव भेजकर जानकारी कराई जाएगी। वहीं, सीएमओ डॉ. एके सिंह ने बताया कि गांव में 11 लोग बुखार पीड़ित मिले। इसमें सभी की मलेरिया जांच हुई, लेकिन कोई भी संक्रमित नहीं मिला। एक युवक की किट से डेंगू की जांच हुई तो वह भी निगेटिव आया।
सीएमओ ने बताया कि एक मरीज ज्यादा बीमार था। उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। विभाग की टीम ने 77 घरों में जल पात्रों की जांच की तो 21 जगह कूलर, फ्रिज, टायर, बर्तन में पानी जमा मिला। गांव में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया गया।
डेंगू की जांच के लिए छह सैंपल जीएसवीएम कानपुर भेजे गए थे। वहां से सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। गांव में जांच व दवा छिड़काव के दौरान मलेरिया निरीक्षक विशाल सिंह, रामचंद्र, ऋषि कपूर, विवेक कुमार मौजूद रहे।