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मजदूर की शिनाख्त नहीं हो सकी
वहां की स्थिति का जायजा लिया है। वहीं, ग्रामीणों के मुताबिक फैक्टरी रोजाना संचालित होती है। इस फैक्टरी में करीब सात से आठ मजदूर काम करते हैं। सीओ सदर संजय सिंह ने बताया कि बताया कि फैक्टरी प्रबंधन व मजदूरों के मौके पर न मिलने से टैंक के ऊपर चढ़कर काम करने वाले मजदूर की शिनाख्त नहीं हो सकी है। एक मजदूर के पास से जालौन जनपद के कालपी निवासी रियाज (45) नाम का आधार कार्ड मिला है।
फैक्टरी के कर्मचारी नहीं थे दोनों मजदूर
वहीं, दूसरे व्यक्ति के पास से कोई भी पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं। जालौन जनपद की पुलिस की मदद से मजदूर के परिजन का पता लगाकर शिनाख्त करवाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि है कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूर फैक्टरी के कर्मचारी नहीं थे। वह कुछ माह के अंतराल में फैक्टरी में रखरखाव का कार्य करने के लिए आते थे।
मौजूद रहा गजनेर व रनियां थाने का पुलिस बल
जरिहा गांव के बाहर संचालित टायर फैक्टरी में बने स्टोरेज टैंक में आग लगने के बाद उच्चाधिकारियों से लेकर रनियां व गजनेर थाने का फोर्स मुस्तैद रहा। वहीं, एसडीएम अमित कुमार, एसडीएम राज कुमार पांडेय तहसीलदार पवन कुमार सहित लेखपाल मौजूद रहे। सीएफओ प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया की घटना के सही कारणों की लेकर जांच की जा रही है।
फैक्टरी में कितने मजदूर थे मौजूद नहीं हो सका स्पष्ट
ग्रामीणों के मुताबिक टायर फैक्टरी में प्रतिदिन सात से आठ मजदूर काम करते हैं और सभी फैक्टरी परिसर में बने कमरे में रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार को दो मजदूर टैंक में चढ़कर काम कर रहे थे। तभी धमाके के साथ हादसा हो गया। इसके बाद आग की लपटें देख श्रमिक और फैक्टरी मालिक फैक्टरी छोड़कर भाग गए। ग्रामीणों ने बताया कि गाड़ी तेज रफ्तार से ले जाने के दौरान सड़क से गुजर रहे दो युवक बाल-बाल बच गए।
ये था पूरा हादसा
औद्योगिक क्षेत्र रनियां के जरिहा गांव में पुराने टायर गलाकर ऑयल बनाने वाली फैक्टरी में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। शाम करीब 5:45 बजे भंडारण टैंक में वेल्डिंग के दौरान आग लगने से दो श्रमिक जिंदा जल गए। फायर ब्रिगेड के पांच टैंकरों की मदद से करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। श्रमिकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। कानपुर के किदवई नगर के रमेश गुप्ता प्रोविजनल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महामंत्री हैं।
देखते ही देखते लपटें आसमान छूनें लगीं
उनकी जरिहा में ओम जेबी आरडी फैक्टरी है। यहां पुराने टायर गलाकर ऑयल बनाया जाता है। इसके भंडारण के लिए परिसर में दो टैंक बने हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सोमवार को श्रमिक टैंक के ऊपर वेल्डिंग कर रहे थे। इसी दौरान आग लग गई। देखते ही देखते लपटें आसमान छूनें लगीं। फैक्टरी कर्मियों में अफरातफरी मच गई। श्रमिक परिसर के बाहर भाग निकले। इस बीच किसी ने 5:50 बजे घटना की सूचना फायर कंट्रोल रूम को दी।
मृतकों को मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी भेजा
माती फायर स्टेशन से तीन फायर टैंकर व भोगनीपुर फायर स्टेशन से एक फायर टैंकर लेकर दमकल कर्मी पहुंचे। कानपुर से भी एक फायर टैंकर मंगवाया गया। आग लगने वाले टैंक पर लगातार फोम बेस चलाया गया। करीब आधे घंटे में आग काबू कर ली गई। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एएसपी आलोक प्रसाद, कानपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा भी मौके पर पहुंचे। पांच एंबुलेंस भी बुलाई गई। आग बुझने पर परिसर में दो श्रमिकों के शव मिले। मृतकों को मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी भेजा गया।
परिसर में खड़े थे कई टैंकर
रनियां। फैक्टरी परिसर में टायर का तेल लोड करने के लिए तीन टैंकर खड़े थे। आग लगने के बाद परिसर से टैंकर हटाने वाला कोई मौजूद नहीं था। गनीमत रही कि समय रहने आग काबू कर ली गई। इससे परिसर में आग नहीं बढ़ सकी। फैक्टरी प्रबंधन व कर्मचारी भाग गए। इसकी वजह से तत्काल सही जानकारी पाने के लिए अधिकारियों को परेशान होना पड़ा।
हादसे में दो श्रमिकों की मौत हुई है। शव की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं। अन्य किसी श्रमिक के घायल होने की जानकारी नहीं है। -श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, एसपी
टायर ऑयल के दूसरे टैंक को पानी की बौछार कर ठंडा करने के साथ आग लगने वाले टैंक में फोम बेस चलाकर करीब आधे घंटे में आग काबू की गई। पूरी तरह से आग बुझने में एक घंटा लगा। टायर ऑयल भंडारण टैंक में वेल्डिंग करने के दौरान आग लगने की जानकारी मिली है। सही कारणों की जांच कराई जा रही है। -प्रतीक श्रीवास्तव, मुख्य अग्निशमन अधिकारी कानपुर देहात