कानपुर देहात। अधिकारियों के लाख जतन के बाद भी जिला अस्पताल के चिकित्सकों का रवैया नहीं बदल रहा है। शुक्रवार को दो चिकित्सक ओपीडी से सुबह 10 बजे तक नदारद रहे। इस दौरान एक अन्य डॉक्टर का कमरा बंद रहा। इससे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज भटकते रहे।
जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से ओपीडी शुरू होती है। वहीं, अस्पताल में कई चिकित्सक अक्सर देरी से पहुंचते हैं। इसका खामियाजा दूर दराज से आने वाले मरीजों को झेलना पड़ता है। मौसम परिवर्तन के साथ इस समय जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है।
शुक्रवार को ओपीडी में 745 मरीजों ने अपना पंजीकरण कराया। वहीं, सुबह 10 बजे तक बाल रोग विशेषज्ञ, चेस्ट फिजिशियन अपने कक्ष मेें नहीं बैठे। ईएनटी (कान, नाक और गला) विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर कुंडी बंद थी। कक्ष के बाहर मौजूद वार्ड ब्वॉय ने बताया कि डॉक्टर कोर्ट केस में गए हैं। सोमवार को वापस आएंगे। इस वजह से मरीज उपचार के लिए भटकते रहे।
अस्पताल में मौजूद लालपुर निवासी विद्या देवी ने बताया कि कान में कुछ दिक्कत है। सुबह आठ बजे ही अस्पताल आ गए थे, लेकिन डॉक्टर नहीं मिले। इसी तरह को झींझक के नवीन, अकबरपुर की ललिता, सुमन व अन्य मरीज भी चिकित्सक के नहीं मिलने से परेशान हुए। काफी इंतजार के बाद मरीज मायूस होकर वापस हो गए।
सीएमएस ने फोन कर डॉक्टरों को बुलाया
सीएमएस डॉ. वंदना सिंह सुबह 10 बजे ओपीडी ब्लॉक पहुंचीं तो पता चला कि बालरोग और चेस्ट फिजिशियन सीट पर नहीं हैं। इस पर उन्होंने डॉक्टरों को फोन कर बुलाया। इसके बाद बालरोग विशेषज्ञ और चेस्ट फिजिशियन ने अपने कक्षों में मरीजों का उपचार किया।
ईएनटी विशेषज्ञ कोर्ट गए थे। इस वजह से कमरा बंद था। शनिवार को ईएनटी के दूसरे डॉक्टर की ड्यूटी लगा मरीजों का उपचार किया जाएगा। जो डॉक्टर देरी से आए थे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। दलालों की सक्रियता रोकने के लिए सख्ती की जाएगी। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस।