झींझक में क्रासिंग खुलते ही पटरी पर फंसे वाहन।
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झींझक (कानपुर देहात)। दिल्ली-हावड़ा रेल लाइन के झींझक रेलवे फाटक पर पटरी में वाहनों के फंसने से करीब दस मिनट मालगाड़ी रोकी गई। फाटक बंद होने पर क्रासिंग के दोनों तरफ से वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जैसे ही फाटक खुला जल्दबाजी में लोग वाहन निकालने लगे। इससे पटरी पर ही वाहन आड़े-तिरछे होकर फंस गए, जिससे फाटक बंद नहीं हो सका। इस बीच आई मालगाड़ी को रोकना पड़ा। वहीं पटरी से वाहनों को हटवा कर मालगाड़ी को रवाना किया जा सका।
रविवार की दोपहर झींझक रेलवे फाटक बंद होने पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लगी थी। गेटमैन राहुल पाल ने जैसे ही दोपहर 1:48 बजे रेलवे फाटक खोला, तभी दोनों तरफ से पहले निकलने की होड़ में वाहन पटरियों पर पहुंच गए। कुछ ही वाहन निकल पाए थे कि मालगाड़ी (डाउन) आ गई। मालगाड़ी के चालक ने सिग्नल लाल देख गाड़ी को आउटर सिग्नल के पास दोपहर 1:53 बजे रोक दिया। गेट मैन व पीआरडी कर्मियों ने पटरियों पर फंसे वाहनों को हटवाकर दोपहर 2:03 बजे गेट बंद कराया।
इसके बाद दोपहर 1:04 बजे मालगाड़ी को वहां से रवाना किया जा सका। जाम में फंसे गौरी गांव के राहुल, लगरथा के नीरज, परजनी के महेंद्र, औरंगाबाद के मनोज ने कहा कि आए दिन क्रासिंग पर जाम लगता है। इससे परेशान होना पड़ता है। समस्या निदान के लिए ओवर ब्रिज बनाया जाना चाहिए। स्टेशन अधीक्षक वेदप्रकाश ने बताया कि फाटक बंद न हो पाने के कारण दस मिनट मालगाड़ी खड़ी रही थी।