कानपुर देहात। भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष की हत्या में एक अधिवक्ता व उसके बेटे को पुलिस ने षड्यंत्र का आरोपी बनाया है। दोनों फरार चल रहे हैं। वहीं, वारंट जारी होने के बाद भी कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर दोनों के खिलाफ शनिवार को कुर्की का आदेश जारी हुआ। अब पुलिस ने कुर्की की तैयारी शुरू की है। घटना के बाद से पिता पुत्र की भूमिका पर चर्चा हो रही थी। पुलिस ने उनके खिलाफ साक्ष्य भी जुटा लिए हैं।
पांच मार्च को भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सघन विकास समिति के सदस्य राजेश तिवारी के बेटे व भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अमरेश की हत्या कर दी गई थी। इसकी जांच में पुलिस को पता चला कि सघन विकास समिति की जमीन में हो रहे अवैध कब्जे को रोकने के लिए कस्बा निवासी अधिवक्ता पुष्कल पराग दुबे व उसके बेटे अंबुज पराग उर्फ तनसय ने अमरेश को मौके पर बुलाया था।
वहां भारी वस्तु से वार करके अमरेश की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद दोनों चुप्पी साध गए थे। मामले में तीन आरोपी जेल जा चुके हैं। वहीं, अमर उजाला ने एक अधिवक्ता व उसके बेटे की भी उक्त जमीन पर नजर होने की खबर प्रकाशित की थी।
पुलिस ने इस बिंदु पर विवेचना करके अधिवक्ता व उसके बेटे के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटा लिए और दोनों को षड्यंत्र का आरोपी बनाया है। इसकी भनक लगते ही आरोपी फरार हो गए।
मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद भी दोनों हाजिर नहीं हुए। इस पर कोर्ट ने कुर्की का आदेश जारी कर दिया है। अब पुलिस ने कुर्की की तैयारी शुरू कर दी है।
भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष की हत्या में षड्यंत्र के आरोपी अधिवक्ता व उसका पुत्र फरार चल रहे हैं। उनके यहां कुर्की की कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। - राजेश कुमार सिंह, कोतवाल भोगनीपुर