कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली में धोखाधड़ी के मामले में आरोपी महा ठग राशिद नसीम को नोटिस तामील कराने में फर्जीवाड़ा किया गया था। सीओ भोगनीपुर की जांच में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है।
मामले की रिपोर्ट एसपी को भेजी गई है। दरोगा को पहले ही लाइन हाजिर किया जा चुका है। विवेचना में लापरवाही करने पर अब और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
अकबरपुर कोतवाली में सिपाही माधव त्रिवेदी ने 28 मार्च 2020 को साउथ सिटी पी-5 अल्ट्रा थिंक रायबरेली रोड लखनऊ स्थित दफ्तर व कंपनी के एमडी मोहम्मद राशिद नसीम, उदित प्रकाश व मोहित कुमार पर धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
माधव का आरोप है कि कंपनी के एजेंटों ने चार बार में 2 लाख 75 हजार रुपये सस्ते प्लाट दिलाने के नाम पर ठग लिए थे। मामले की विवेचना कोतवाली में तैनात दरोगा मंजीत दयाल को दी गई थी।
सात साल से कम सजा होने की वजह से विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने का नोटिस तैयार कराया। इसके बाद विवेचना में जिक्र किया कि आरोपी राशिद नसीम ने अकबरपुर कोतवाली आकर एफआईआर का नोटिस रिसीव किया है।
इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार आरोपी राशिद नसीम पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहले से ही चार हजार से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। उस पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
प्रदेश के अलावा गैर प्रांतों की पुलिस भी उसे ढूंढ रही है। वह पकड़े जाने के डर से दुबई भाग गया है। ये देखते ही तत्कालीन एसपी केशव चौधरी ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था। साथ ही मामले की जांच तत्कालीन भोगनीपुर सीओ प्रभात कुमार को सौंपी थी।
बीच में चुनावों की व्यस्तता में जांच काफी समय तक लंबित रही। अब सीओ ने जांच पूरी कर ली है। सीओ की जांच में उजागर हुआ कि नोटिस तामील कराने में विवेचक ने फर्जीवाड़ा किया।
आरोपी के हस्ताक्षर बनाकर खानापूरी कर ली गई। सीओ प्रभात कुमार ने बताया कि जांच पूरी कर रिपोर्ट एसपी को भेजी जा चुकी है। अब एसपी के स्तर से ही कार्रवाई होगी।