कानपुर देहात। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम की ओर से पूर्व में लिए खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें बर्फी असुरक्षित निकली। दूध के छह समेत अन्य दस नमूने भी जांच में फेल हो गए। खाद्य कारोबारियों को बी नमूना जांच के लिए नोटिस जारी किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जून व जुलाई महीने में जांच अभियान चलाया था। इस दौरान शिवली के ज्योति गांव निवासी अनुभव अवस्थी, जुगराजपुर गहलौं निवासी आलोक कुमार, सलेमपुर राजपुर निवासी निर्मल कुमार, बलेथा रूरा के राजेश व भगवंतपुर गजनेर के मनोज सिंह के केन से दूध का नमूना लिया था।
पुखरायां के गिरजाशंकर की दुकान से टोन्ड मिल्क का नमूना लिया था। सभी दूध के नमूने जांच में फेल हो गए। कारोबारियों को बी नमूना जांच के लिए नोटिस दिया गया है।
इसी प्रकार काशीपुर के जितेंद्र कुमार की दुकान से टॉफी, इंदिरा नगर झींझक निवासी अश्वनी कुमार व द्वारिकागंज झींझक निवासी सुधीर गुप्ता की दुकान से सरसों के तेल का नमूना लिया गया था, ये भी अधोमानक मिले हैं।
वहीं, विकास नगर झींझक निवासी आशीष कुमार की कस्बे में पीएनबी बैंक के सामने स्थित मिठाई की दुकान से बर्फी व पनीर का नमूना लिया गया था। पनीर का नमूना अधोमानक मिला। जबकि बर्फी का नमूना जांच में अधोमानक व असुरक्षित पाया गया।
दुकानदार ने बर्फी पर लगा वर्क चांदी का बताया था लेकिन जांच में एल्युमिनियम का निकला। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित ने बताया कि रिपोर्ट में 11 नमूने फेल हो गए हैं। असुरक्षित निकली बर्फी के मामले में बी नमूना जांच का दावा नहीं करने पर सीजेएम के यहां केस किया गया जाएगा। अन्य मामलों में एडीएम की कोर्ट में वाद दायर होगा।