रूरा पहुंचने पर बच्ची की हालत बिगड़ी तो फिर रूरा सीएचसी लाए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने सीएचसी के अंदर शव रखकर चिकित्सक पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान सीएचसी पहुंचे डॉ. धीरेंद्र ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। परिजन शव लेकर करिंगापुर गांव वापस लौट गए।
डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह और डॉ. संध्या ने बताया कि 23 जून को करिंगापुर के फूल सिंह ने सपना को सीएचसी में भर्ती कराया था। 24 जून को बच्ची पैदा हुई थी, जिसके पैदायशी रीढ़ की हड्डी में फोड़ा था। इस पर उसे जिला महिला अस्पताल भेजा गया था। बच्ची मृत अवस्था में सीएचसी लाई गई थी। हालांकि पुलिस को सूचना नहीं दी गई।